वाराणसी।दो महीने मुंबई में चातुर्मास व्रत पूर्ण कर,33 दिन तक बिहार विधान सभा चुनाव में 243 विधानसभा क्षेत्रों में सनातनधर्मियों को गौमाता के प्राणों के रक्षा हेतु ही मतदान करने का संकल्प दिला कर,छत्तीसगढ़ में दीपावली मनाकर,छत्तीसगढ़ से वायुमार्ग द्वारा प्रयागराज पहुंचकर वहां से सड़कमार्ग द्वारा परमधर्माधिश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज के काशी पहुंचने पर अभिभूत भक्तों ने पुष्पवर्षा नगाड़े के थाप के मध्य जयघोष कर शंकराचार्य जी का स्वागत, अभिनंदन व वंदन किया। हरिश्चंद्र मार्ग पर भक्तों ने प्रार्थनापूर्वक शंकराचार्य जी महाराज को पालकी में आरूढ़ कराकर सवारी निकाली।

सवारी के श्रीविद्यामठ पहुंचने पर सर्वप्रथम शंकराचार्य जी महाराज ने गौमाता का दर्शन कर उन्हें फल व ग्रास ग्रहण कराया।जिसके अनंतर श्रीविद्यामठ में ब्रम्हचारी परमात्मानंद जी ने वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य शंकराचार्य जी महाराज के चरणपादुका का पूजन किया और भक्तों ने शंकराचार्य जी महाराज की आरती उतारी और शंकराचार्य जी महाराज ने सभी भक्तों को आशीर्वाद व प्रसाद प्रदान किया।

उक्त जानकारी देते हुए शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि सर्वविदित है कि शंकराचार्य जी महाराज प्रतिवर्ष काशी में उत्साहपूर्वक देवदीपावली मनाते हैं।कार्तिकपूर्णीमा पर्यंत शंकराचार्य जी महाराज के काशीवास के दौरान विभिन्न धार्मिक व मांगलिक अनुष्ठान सम्पन्न किए जाएंगे।एवं भक्तगण शंकराचार्य जी महाराज से अपनी धार्मिक जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करेंगे।

समस्त कार्यक्रम के दौरान प्रमुख रूप से सर्वश्री~साध्वी पूर्णांबा दीदी,साध्वी शारदांबा दीदी, स्वामी निधिरव्यानंद सागर,रवि त्रिवेदी,रमेश उपाध्याय,यतीन्द्र चतुर्वेदी,कीर्ति हजारी शुक्ला, जयंतुजय शास्त्री,सुनील शुक्ला, सदानंद तिवारी,अभय शंकर तिवारी,आशीष गुप्ता,अजय सिंह,राकेश रंजन त्रिपाठी सहित भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।

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