
महामहिम कुलाधिपति जी के सतत मार्गदर्शन और प्रेरणा ने इस उपलब्धि की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाई है कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा।
वाराणसी।“राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन,प्राशासनिक दक्षता एवं पारदर्शी कार्य-संस्कृति को सराहा”सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (NAAC) के तृतीय चक्र के मूल्यांकन में उल्लेखनीय सफलता अर्जित करते हुए 3.09 सी॰जी॰पी॰ए॰ (CGPA) के साथ ‘A’ ग्रेड प्राप्त किया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसन्धान परक दृष्टिकोण, प्राशासनिक पारदर्शिता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति समर्पण का परिणाम है।
उक्त विचार सोमवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने नैक निदेशक के द्वारा प्रेषित पत्र के द्वारा नैक में ए ग्रेड प्राप्त होने योगसाधना केन्द्र में विश्वविद्यालय परिवार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए व्यक्त किया।
कुलपति प्रो शर्मा ने कहा कि
इस अवसर पर सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार ने कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी, उनके विशेष कार्याधिकारी श्रीयुत सुधीर एम॰ बोबडे, डा. पंकज एल॰ जानी तथा श्री अशोक देसाई जी के प्रति हार्दिक कृतज्ञता और आभार व्यक्त किया।विश्वविद्यालय समुदाय ने माना कि महामहिम कुलाधिपति जी के सतत मार्गदर्शन और प्रेरणा ने इस उपलब्धि की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाई है।
कुलपति प्रो॰ बिहारी लाल शर्मा ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “यह उपलब्धि सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक परिश्रम, अनुशासन, समर्पण और गुणवत्तापूर्ण कार्यसंस्कृति का परिणाम है। यह न केवल सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा का प्रमाण है,बल्कि संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में काशी और उत्तर प्रदेश की गौरवशाली परम्परा को भी नई ऊँचाई प्रदान करती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक और प्राशासनिक दोनों ही स्तरों पर नवाचार, पारदर्शिता और गुणवत्ता के मानकों को निरन्तर सुदृढ़ किया है। *NAAC द्वारा प्रदत्त यह ‘A’ ग्रेड* इस बात का प्रमाण है कि विश्वविद्यालय न केवल पारम्परिक शिक्षा के संरक्षण में अग्रणी है, बल्कि आधुनिक गुणवत्ता-मूलक शिक्षा प्रणाली को भी आत्मसात कर रहा है।
NAAC पीयर टीम द्वारा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्यक्रमों, अनुसन्धान गतिविधियों, छात्र कल्याण योजनाओं, प्राशासनिक प्रक्रियाओं, डिजिटल नवाचारों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों का व्यापक मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन में विश्वविद्यालय की संरक्षणपरक भूमिका, शुद्ध प्राशासनिक व्यवस्था, अनुसन्धान कार्यों की गुणवत्ता और संस्कृत भाषा-संवर्धन के प्रति समर्पण को विशेष रूप से सराहा गया।
विश्वविद्यालय के सभी आचार्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, पुरातन छात्रों एवं शुभचिन्तकों ने इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह उपलब्धि सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने यह भी कहा कि “हमारा संकल्प है कि आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय न केवल भारतीय परम्परा और संस्कृति के संरक्षण में, बल्कि वैश्विक स्तर पर संस्कृत ज्ञान-विज्ञान के प्रसार में भी नई दिशा प्रदान करेगा।”
महामहिम कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी एवं उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमन्त्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी द्वारा विश्वविद्यालय को निरन्तर प्राप्त मार्गदर्शन, प्रेरणा और संरक्षण के लिए सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार ने हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की।
इस उपलब्धि से सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि संस्कृत परम्परा और आधुनिक शिक्षा के समन्वय से उत्कृष्टता का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।
ज्ञातव्य हो कि 14अक्टूबर 2025 को नैक द्वारा पुनर्मूल्यांकन में आज ए ग्रेड प्राप्त होने की सूचना का पत्र प्राप्त हुआ है।इसके पूर्व दिनांक 16,17 जून को नैक में 2.99 सीजीपीए के साथ बी++ग्रेड प्राप्त हुआ था इसके लिए पुनर्मूल्यांकन हेतु अपग्रेड कर “ए” ग्रेड प्राप्त हुआ।
उक्त अवसर पर कुलसचिव राकेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार,प्रो रामपूजन पांडेय, प्रो जितेन्द्र कुमार, प्रो रजनीश कुमार शुक्ल, प्रो रमेश प्रसाद, प्रो शैलेश कुमार मिश्र, प्रो हीरक कांत चक्रवर्ती, प्रो राजनाथ, प्रो विजय कुमार पाण्डेय, प्रो दिनेश कुमार गर्ग,प्रो अमित कुमार शुक्ल, प्रो महेन्द्र पांडेय सहित विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने सहभागिता किया।
