
वाराणसी।काशी विश्वनाथ मंदिर में वैकुण्ठ चतुर्दशी के अवसर पर एक विशेष पूजा का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य राष्ट्र उत्थान और सनातन धर्म संस्कृति के संरक्षण को बढ़ावा देना था।
इस अवसर पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य के रूप में मुख्य यजमान की भूमिका निभाई।
101 मंदिरों से लाये गए पवित्र जल से रुद्रभिषेक किया गया।
मंदिर के मुख्यकार्यपालक (CEO) डॉ. विश्व भूषण मिश्र जी की उपस्थिति में बाबा विश्वनाथ जी का सविधि पूजन किया गया। पूजा के दौरान 101 मंदिरों से लाये गए पवित्र जल से रुद्रभिषेक किया गया और तुलसी दल से सविधि सहस्रार्चन भी हुआ। यह आयोजन वैकुण्ठ चतुर्दशी के पावन अवसर पर एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान था।
कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि यह पूजन संस्कृत समाज और राष्ट्र उत्थान के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति के संरक्षण और प्रचार के लिए ऐसे आयोजनों का विशेष महत्व है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने बाबा विश्वनाथ जी की आरती में भाग लिया और उनके आशीर्वाद की कामना की।
कुलपति प्रो शर्मा ने कहा कि
वैकुण्ठ चतुर्दशी भगवान शिव को समर्पित एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान शिव के वैकुण्ठ गमन के अवसर पर मनाया जाता है। इस पर्व के दौरान भगवान शिव की पूजा और आराधना करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
