
वाराणसी। उपन्यास सम्राट प्रेमचंद की जन्मस्थली लमही स्थित स्मारक पर प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र द्वारा आयोजित सुनो मैं प्रेमचंद कार्यक्रम को 1742वां दिन पूरा होने पर प्रेमचंद की मार्मिक कहानी रियासत का दीवाना का प्रभावी पाठ प्रसिद्ध साहित्यकार टीका राम शर्मा ‘आचार्य’ ने किया। कहानी के गहन संकेतों पर बोलते हुए प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि एक गलत और अत्याचारी व्यवस्था के दबाव में अच्छे और नेक इंसान भी अपने नैतिक सिद्धांतों को छोड़ देते हैं। यह कथानक तत्कालीन सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा व्यंग्य है, जहां सत्ता और स्वार्थ को मानवीय मूल्यों से अधिक महत्व दिया जाता था। सीआईडी डीएसपी अजय कुमार ने कहा कि यह कहानी सत्ता के संघर्ष, अनैतिकता और संवेदनशील मानवीय मूल्यों के ह्रास को उजागर करती है। मिस्टर मेहता का अपने राजा के आदेशों का पालन करते हुए परिवार तक का त्याग करना बताता है कि अत्याचारी सत्ता कैसे इंसानों की नैतिकता को कुचल देती है। प्रो. श्रद्धानंद, अजय कुमार तथा निदेशक राजीव गोंड ने अतिथियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर व्यंग्यकार सूर्यदीप कुशवाहा, रामजतन पाल, चंदन मौर्य, राहुल यादव, रोहित गुप्ता, विपनेश सिंह, संजय श्रीवास्तव, ऋषभ आदि थे। संचालन आयुषी दूबे तथा स्वागत सुरेश चंद्र दूबे ने किया।
