वाराणसी। उदय प्रताप कॉलेज में 116वें संस्थापन दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का समापन मंगलवार को “एकल सेमी-क्लासिकल नृत्य” प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत राजर्षि उदय प्रताप सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन तथा कुलगीत से की गई।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने स्वागत वक्तव्य में कहा कि उदय प्रताप कॉलेज सदैव विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।

कार्यक्रम का संयोजन प्रो. अंजू सिंह तथा सह-संयोजन श्री अग्नि प्रकाश शर्मा ने किया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय बालिका महाविद्यालय, सेवापुरी की प्राचार्या प्रो. सुधा पांडेय और संत अतुलानंद रेजिडेंशियल अकैडमी की शिक्षिका श्रीमती आकांक्षा सिंह ने किया।

छहों संकायों के प्रतिभागियों ने आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं—

बी.ज़ेड. संकाय की आयुषी उपाध्याय ने “श्री रामचंद्र कृपालु भज मन” पर प्रस्तुति दी।

वाणिज्य संकाय की अनुष्का पाठक ने भरतनाट्यम शैली से प्रभावित किया।

कला संकाय की अर्पिता सिंह ने शास्त्रीय-बंगाली मिश्रित शैली में प्रस्तुति दी।

पी.एम. संकाय की निहारिका ने स्त्री जीवन के विविध आयामों को अभिव्यक्त किया।

कृषि संकाय की तृप्ति श्रीवास्तव ने कथक की लयकारी प्रस्तुत की।

शिक्षा संकाय की गायत्री पांडेय ने मनमोहक प्रस्तुति से सबको प्रभावित किया।

निर्णायकों ने सभी प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी प्रतिभागी वास्तव में विजेता हैं। तीन दिवसीय आयोजनों के परिणाम इस प्रकार घोषित किए गए—

 

हिंदी वाद-विवाद : कृषि संकाय

 

अंग्रेज़ी वाद-विवाद : बी.एड एवं बी.ज़ेड संकाय (संयुक्त)

 

रंगोली : कला संकाय।

 

लोकगीत : वाणिज्य एवं कृषि संकाय (संयुक्त)।

 

सुभाषित एवं पेंटिंग : वाणिज्य संकाय।

 

एकल सेमी-क्लासिकल नृत्य : कृषि संकाय।

सभी प्रतियोगिताओं के कुल अंकों के आधार पर कृषि संकाय को इस वर्ष का समग्र विजेता (चैंपियन) घोषित किया गया। मुख्य अतिथि प्रो. सुधा पांडेय और प्राचार्य प्रो. धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने विजेताओं को पदक एवं पुरस्कार प्रदान किए तथा आयोजन में सहयोग करने वाले सदस्यों को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम का संचालन वनस्पति विज्ञान विभाग की शोध scholar आकृति सिंह ने किया।

अंत में संयोजक प्रो. अंजू सिंह ने सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों एवं महाविद्यालय परिवार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की सृजनात्मकता और आत्मविश्वास को नई दिशा देते हैं।

इस अवसर पर प्रो. संत कुमार सिंह, प्रो. सुधीर कुमार राय, प्रो. संजय शाही, प्रो. शशिकांत द्विवेदी, डॉ. अनिल कुमार सिंह, प्रो. रश्मि सिंह, प्रो. रेनू सिंह, प्रो. मनोज प्रकाश त्रिपाठी, प्रो. गोरखनाथ पांडे, प्रो. प्रज्ञा सिंह, प्रो. अनीता सिंह, प्रो. मधु सिंह, प्रो. मीरा सिंह, प्रो. रंजना श्रीवास्तव, चंदन कुमार, प्रताप गौतम, विनीत राय, श्वेता सोनकर, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. सत्य शरण मिश्रा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

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