
वाराणसी।सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव में जनपद स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में जीत पर कुलपति प्रोफेसर बिहारी लाल शर्मा ने शनिवार को कुलपति कार्यालय में सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता छुपी हुई प्रतिभाओं की खोज करना साथ ही एक बड़ा मंच देकर उनके स्किल को पहचानकर सम्मानित करना है। इस संस्था में प्रतिभाओं की कमी नहीं है और ये प्रतिभाएं आगे भी विश्वविद्यालय के गौरव को बढ़ाती रहेंगी।यह इस संस्था के लिए बहुत हर्ष और गौरव का क्षण है,हमारे प्रतिभाओं का सम्मान इस प्रतियोगिता के माध्यम से हुआ है।इसमें छिपी हुई प्रतिभा को पहचानने का बहुत बड़ा प्लेटफार्म है।आप सभी अध्ययन के साथ साथ इसी तरह अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ें जिससे हमारा विश्वविद्यालय भी गौरवान्वित होता रहेगा। माननीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से आयोजित काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव में यह जीत निश्चित रूप से संस्कृत और संस्कृति की साधना में लगे हुए हमारे विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा को प्रदर्शित करता है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विनयाधिकारी प्रोफेसर जीतेन्द्र कुमार ने कहा कि संस्कृत, संस्कृति एवं संस्कार का संस्था प्रतिभाओं से युक्त है।
काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव में विश्वविद्यालय के विजयी प्रथम , द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बिहारी लाल शर्मा ने मेडल व प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। संगीत, नृत्य और नुक्कड़ नाटक में अखिलेश कुमार मिश्रा, चिदानंद त्रिपाठी (आकाश)अश्विनी शुक्ला, विशाल उपाध्याय, मानस तिवारी, पायल बैरागी, नम्रता,कंचन द्विवेदी, आलोक मिश्रा , प्रियंका मिश्रा ने जिले स्तर पर विजयी रहे, जिन्हें आज कुलपति जी ने सम्मानित किया।
कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ विशाखा शुक्ला ने दृढ़ इच्छा शक्ति के संकल्प से कुछ भी जीता जा सकता है।यह विजय सभी के सहयोग और मार्गदर्शन से संभव हो सका है।
संगीत विभाग के शिक्षक शिक्षिकाओं व कार्यक्रम की सहायक नोडल अधिकारी डॉ श्रुति उपाध्याय, डॉ. शैल पाण्डेय, प्रशांत कुमार की उपस्थिति रही।
