मिशन शक्ति” का विशेष अभियान फेज 05 के अंतर्गत कैरियर काउन्सलिंग एवं प्लेसमेंट एवं समापन कार्यक्रम

 

वाराणसी।हमारे देश भारत में जो परम्परा रही है वह मनु स्मृति के अनुसार “यत्र नारी पूज्यन्ते।” यह भारत का इतिहास रहा है। भारत में नारी का सम्मान हमेशा से रहा है। हमारे भारत देश नारियो को हमेशा से पूजी जाती रही है। नारी की सुरक्षा भारतीय संस्कार में रहा है। हमारे प्रधानमंत्री जी ने जो तीन मिशन रखा है नारी की सुरक्षा, नारी का सम्मान और नारी स्वालम्बन। नारी का सम्मान हमेशा से रहा है और नारी की सुरक्षा हमारे भारतीय संस्कार में रहा है। हमारे परिवार में सनातन धर्म का मूल सिद्धांत रहा है उसमें माँ, बहन एवं पत्नी के रूप हमेशा सम्मान से देखा जाता है। प्रधानमंत्री जी ने जो नारी स्वालम्बन यह बहुत ही महत्वपूर्ण मिशन रहा है।

उक्त विचार आज संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी “मिशन शक्ति” का विशेष अभियान फेज 05 के अंतर्गत आज कैरियर काउन्सलिंग एवं प्लेसमेंट एवं समापन कार्यक्रम पर सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल मेजर जनरल डीआर राय ने सेना में विभिन्न सेवा और उसके नियुक्ति संबंधित संपूर्ण कुशल पर प्रकाश डालते हुए बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किया।

मेजर जनरल डीआर राय ने सेना में विभिन्न पदों पर कैसे नियुक्त हुआ जा सकता है उससे संबंधित विभिन्न दृष्टिकोण पर तैयार स्क्रिप्ट एवं साक्षात्कार के स्किल्स को भी बताया।सेना आपका,आपकी मां-बाप का आपके बच्चों का तीन जेनरेशन का ख्याल रखती है उन्होंने एनडीए, सीडीएस, एसएसबी इंटरव्यू, तकनीकी प्रवेश तथा विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं की उपयोगी जानकारी देते हुए छात्राओं को सेना में कैरियर निर्माण हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में महिलाएं चिकित्सा, तकनीकी, प्रशासनिक सेवाओं के साथ–साथ कॉम्बैट भूमिकाओं में भी उल्लेखनीय स्थान बना रही हैं और देश की कई बेटियां नए मानदंड स्थापित कर रही है।

बतौर मुख्य वक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीमती जैस्मीन मिश्रा ने स्लाइड पीपीटी के माध्यम से सेना में नियुक्ति के आयामों से परिचित कराते हुए कहा कि आज सेना महिलाओं को योगदान बहुत है,जिनमें तीनों सेनाओं में प्रमुख पदों को भी सुशोभित कर रही हैं।जो व्यक्ति हर परिस्थिति में रहकर अपने को व्यवस्थित कर सकते हैं वे कहीं भी सफल हो सकते हैं।जीवन में जीवंतता को बनाए रखने की जरूरत है। इससे सफलता के आयाम मिलते हैं।ईमानदारी जरूरी है।जिसमें कर्म और धर्म से ईमानदार हों। समर्पण जरूरी है जिससे सफलता के मुकाम तक आसानी से पहुंच सकते हैं।चयन प्रक्रिया, आवश्यक योग्यताएँ, प्रशिक्षण, करियर प्रगति और महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर छात्राओं को विशेष रूप से मार्गदर्शन किया।सशस्त्र बलों में महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और आज देश की कई बेटियाँ उन क्षेत्रों में भी नई मिसालें स्थापित कर रही हैं जहाँ पहले केवल पुरुषों की भागीदारी होती थी। उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि वे लगन, दृढ़ इच्छाशक्ति और सही दिशा में प्रयास करें तो सेना में कैरियर बनाना न केवल संभव है बल्कि अत्यंत गौरवपूर्ण भी है।

अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि आज सेना दिवस है यह सौभाग्य का क्षण है आज यहां के विद्यार्थियों को करियर उन्मुख पहल में एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित हुआ। इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों को न केवल पेशेवर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ बल्कि मिशन शक्ति के उद्देश्यों के अनुरूप सुरक्षित, आत्मविश्वासी और सक्षम भविष्य की ओर अग्रसर होने का भी सशक्त संदेश मिला।

कुलपति प्रो शर्मा ने कहा कि आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है चूकि यह कार्यक्रम मिशन शक्ति का है। भारत सरकार ने जो लक्ष्य रखा है 2047 तक विकसित भारत का यह विकसित भारत मिशन शक्ति के बिना सम्भव नहीं है। नारी भारतीयता का प्रतीक है और भारतीयता का तत्व है लोकमंगल, संवेदना, करुणा और सह अस्तित्व का भाव लेकर चलना और भाव लेकर जीना और इसका साक्षात् दर्शन करना है तो नारी शक्ति में किया जा सकता है। अगर नारी शक्ति को उसके शक्ति को पहचान कर उसका सदुपयोग देश के उत्तथान के लिए नहीं कर सकते है तो देश विकसित नहीं हो सकता अगर देश को विकसित करना है तो मिशन शक्ति के कार्यक्रम को चलाना ही होगा और अपने शक्ति को पहचान कर उसका उपयोग करना होगा।

इस अवसर पर प्रोफेसर राजनाथ, (समन्वयक प्लेसमेंट सेल) संबोधित करते हुए छात्रों को प्लेसमेंट की तैयारी, उद्योग की आवश्यकताओं और कौशल उन्नयन की दिशा में मार्गदर्शन दिया।

मिशन शक्ति के तहत आयोजित रैली, नुक्कड़ नाटक एवं अन्य जन-जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लेने वाले सभी छात्र- छात्राओं को समापन के अवसर पर मंचस्थ अतिथियों के द्वारा सभी प्रतिभागियों को ट्रॉफ़ी एवं मेडल प्रदान किए गए।

मंचस्थ अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण, मंगला चरण,वैदिक पौराणिक

मंचस्थ अतिथियों का परंपरानुसार स्वागत और अभिनन्दन किया। नोडल अधिकारी प्रो विद्या कुमारी चंद्रा ने किया।संचालन डॉ स्निग्धरा ने किया।

उक्त अवसर पर प्रो रामपूजन पांडेय, प्रो जितेन्द्र कुमार, प्रो रमेश प्रसाद, प्रो राजनाथ, प्रो दिनेश कुमार गर्ग, प्रो अमित कुमार शुक्ल सहित विद्यार्थियों ने सहभाग किया।

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