
वाराणसी। आदिपुरुष बरननगर (बुलंदशहर) के संस्थापक महाराजा अहिबरन जी की जयंती रविवार को बरनवाल वैश्य समाज द्वारा भव्य एवं पारिवारिक वातावरण में मनाई गई। कान्यकुब्ज वैश्य सभा काशी, भरत मिलाप मैदान, नाटीइमली में आयोजित समारोह में वाराणसी सहित आसपास के क्षेत्रों से समाज के हजारों पुरुष, महिलाएं व बच्चे शामिल हुए। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टाम्प एवं पंजीयन रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि बरनवाल समाज ने एकजुट होकर सामाजिक एकता व संगठन का प्रेरक संदेश दिया है।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा अहिबरन जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मोना बरनवाल द्वारा गणेश वंदना प्रस्तुत की गई, इसके पश्चात अहिबरन वंदना गीत का सामूहिक गायन हुआ। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि भूषण बरनवाल ने समाज की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को समाज की मजबूती का आधार बताया। अध्यक्षता कर रहे राजेन्द्र बरनवाल ने आयोजन को समाज को एक सूत्र में बांधने वाला बताया।
इस अवसर पर मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने बुलंदशहर के पौराणिक नाम ‘बरन प्रदेश’ का उल्लेख करते हुए उसे ‘बरननगर’ किए जाने के प्रयास का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में बच्चों के लिए चित्रकला, गायन, नृत्य व फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। महिलाओं ने बेटी पढ़ाओ-बढ़ाओ व नशा उन्मूलन पर लघुनाटिका प्रस्तुत की। वर्ष 2024-25 में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया।
समारोह में शशिकांत आर्य, रमेश चन्द बरनवाल, विनोद कौशिक, नीलू बरनवाल, रंजना बरनवाल, विनोद बरनवाल, सौरभ बरनवाल, डॉक्टर नन्दलाल बरनवाल, डॉक्टर ए.के. कौशिक व राहुल बरनवाल सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
