वाराणसी। राजस्थान के झुंझुनू स्थित श्री बाबा गंगाराम धाम, श्री पंचदेव मंदिर की प्रेरणा से श्री बाबा गंगाराम सेवा समिति वाराणसी के तत्वावधान में 4 जनवरी 2026 रविवार को झुंझुनू वाले विष्णु अवतारी श्री बाबा गंगाराम कृपा महोत्सव का भव्य आयोजन वाराणसी के लक्सा रोड स्थित मारवाड़ी युवक संघ में किया जायेगा।

इस अवसर पर श्री पंचदेवों का मनोहारी श्रृंगार,अखंड ज्योति श्री गंगाराम चालीसा से प्रारंभ होकर विख्यात भजन गायकों द्वारा भजनों की अमृत वर्षा,नृत्य नाटिका का कार्यक्रम होगा।

कार्यक्रम में कोलकाता से पधारे सुप्रसिद्ध भजन गायक संजय शर्मा, नीरज ,अनुश्री सहित अनेक कलाकार भजनों की रसदार प्रवाहित करेंगे।

इस अवसर पर मिलन दास एंड पार्टी द्वारा बाबा गंगाराम की लीलाओं पर आधारित भव्य नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी ।महोत्सव में बाबा गंगाराम का भव्य दरबार,अखंड ज्योत , छप्पन भोग एवं महाप्रसाद का कार्यक्रम आयोजित है।

श्री बाबा गंगाराम कृपा महोत्सव में कोलकाता, मुंबई, सूरत, बेंगलुरु, अहमदाबाद , विशाखापट्टनम ,संबलपुर, बिलासपुर ,इंदौर ,दिल्ली, मुजफ्फरपुर,हुबली, पटना , हिसार ,भिवानी ,पुणे, सरदार शहर, सिधवलिया, भैरवा, राउरकेला, तिनसुकिया सहित देश के अनेक हिस्सों से बाबा के भक्त महोत्सव में भाग लेने के लिए पधारेंगे । बाहर से आने वाले सभी भक्तों के ठहरने की व्यवस्था मारवाड़ी युवक संघ में की गई है।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से गोविंद केजरीवाल ,विजय केजरीवाल , प्रदीप तुल्स्यान, नवीन अग्रवाल, संजय जायसवाल, चंद्रशेखर अग्रवाल ,अनिल सरावगी ,संतोष पोद्दार ,श्याम जिंदल, राजेश कुमार जिंदल आदि उपस्थित थे।

*श्री बाबा गंगाराम जी की महिमा*

विष्णु अवतारी बाबा गंगाराम का पावन धाम राजस्थान के झुंझुनू नगर में श्री पंचदेव मंदिर के नाम से विख्यात है ।बाबा की महिमा सारे संसार में फैल रही है ।उनके चमत्कारों को गिनना सूर्य को दीपक दिखाने के समान है।बाबा गंगाराम का अवतार श्रावण शुक्ल दशमी सन 1895 में श्री हरि विष्णु के अंश से वैश्य वंश में हुआ था। कलयुग में भक्तों के कल्याण के लिए प्रकट हुए बाबा गंगाराम प्रत्यक्ष देव हैं ,जो भी श्रद्धा और विश्वास से बाबा को ध्याते हैं उनकी समस्त मनोकामनाएं बाबा अवश्य पूरी करते हैं ।बाबा ने जन कल्याण हेतु अपने मंदिर के निर्माण का दिव्य आदेश भक्त शिरोमणि देवकीनंदन और उनकी धर्म पत्नी शक्ति स्वरूपा गायत्री देवी को दिया, जिसके पश्चात झुंझुनू में गंगा दशहरा के पावन दिन सन 1975 में उन्होंने पंचदेव मंदिर की स्थापना की, मंदिर में बाबा गंगाराम सहित श्री शिव परिवार, पवन पुत्र हनुमान, मां दुर्गा एवं मां लक्ष्मी की प्रतिमाएँ स्थापित है।

*त्याग, तपस्या और भक्ति का इतिहास*

भक्त शिरोमणि श्री देवकीनंदन एवं शक्ति स्वरूपा देवी गायत्री बाबा की लीलाओं के प्रबल वाहक थे ,उन्होंने बाबा की भक्ति में तन मन धन न्योछावर करते हुए भक्ति का जो इतिहास लिखा, वो अभूतपूर्व है। झुंझुनू में पंचदेव मंदिर की स्थापना के पश्चात उन्हें सांसारिक मोह माया से विरक्ति हो गई उन्होंने अपनी करोड़ की संपदा चल अचल संपत्ति का तिनके की भाँति त्याग कर दिया और अपनी संतति सहित मंदिर परिसर को ही अपना संसार समझकर बाबा की सेवा में समर्पित हो गए। राजा हरिश्चंद्र की भांति उनका यह त्याग आज के भौतिक युग में स्वयं एक उदाहरण बन गया। अंततः मंदिर परिसर में सन 1992 में उनके महाप्रयाण के समय त्याग मूर्ति देवी गायत्री की करुण पुकार पर जलती हुई चिता पर उनके पार्थिव शरीर से जो चमत्कार हुए वे उनकी भक्ति की पराकाष्ठा को सिद्ध करते हैं। तत्पश्चात देवी गायत्री ने भी अपनी भक्ति और तप से बाबा गंगाराम की महिमा को सारे संसार में प्रकाशित करते हुए सन 2017 में महाप्रयाण किया। श्री बाबा गंगाराम के पावन धाम श्री पंचदेव मंदिर में भक्तों द्वय की साधना के मूर्तिमान स्वरूप नव निर्मित ‘आशीर्वाद मंदिर ‘की स्थापना से ऐसा प्रतीत होता है मानो पूरे परिसर में स्वर्ग ही उतर आया हो। सफेद संगमरमर से निर्मित इस मंदिर का आकर्षण एवं कलात्मकता मन मोह लेती है। शिव स्वरूप देवकीनंदन एवं शक्ति स्वरूपा देवी गायत्री की युगल प्रतिमा के दर्शन से भक्तगण उनका आशीर्वाद पाकर अपने जीवन को धन्य बनाते हैं । बाबा के धाम की रज की महिमा अपरंपार है। इस रज में त्याग, तपस्या का तेज समाया हुआ है,इसी कारण मंदिर जाने वाले श्रद्धालु भक्तगण इसे प्रसाद स्वरूप अपने साथ ले जाते हैं। इससे समस्त कष्टों का निवारण होता है और असाध्य रोग भी दूर हो जाते हैं।उक्त रज के वितरण की व्यवस्था कीर्तन स्थल पर की गई है। बाबा की भक्ति से लोगों को भौतिक सुख तो प्राप्त होते ही हैं साथ ही जीवन में सही दिशा भी प्राप्त होती है।इस प्रकार त्याग ,तपस्या और भक्ति का साकार स्वरूप बाबा गंगाराम धाम आज लाखों भक्तों के विश्वास का केंद्र बिंदु बन गया है।

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