
वाराणसी महानगर के बरेका. पुस्तकालय में कवितांबरा के प्रधान संपादक कवि हीरालाल मिश्र मधुकर के अध्यक्षता में मुख्य अतिथि -प्रोफेसर जी.सी. जायसवाल – पूर्व कुलपति -राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के गरिमामयी उपस्थिति में सपना दत्ता सुहासिनी, कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक, करूणा सिंह,डॉ .सुबाष चन्द्र,योगेश समदर्शी, अविनाश कुमार राय, डॉ. रवि शंकर पाण्डेय, डॉ. नागेश शांडिल्य, डॉ.विनोद पाण्डेय कश्यप, मनोज मिश्र, सहित अनेकों विशिष्ट अतिथियों के गरिमामयी उपस्थिति में साहित्यिक संस्था काशी काव्य संगम द्वारा पद्मोद एक साहित्यिक अनुभव नामक पुस्तक – डॉ. शिवप्रकाश साहित्य द्वारा लिखित का विमोचन समारोह प्रख्यात कवि शरद श्रीवास्तव के संचालन में संपन्न हुआ। आयोजन का शुभारंभ वैदिक आचार्य पं.विकाश त्रिपाठी, दिलीप शुक्ल, रोहित अग्निहोत्री, निखिल त्रिपाठी, कुलदीप त्रिवेदी स्वस्ति वाचन पूर्वक प्रारम्भ हुआ। मां वीणा- वादिनि का वन्दना संचालक शरद श्रीवास्तव ने किया तत्पश्चात डॉ. शिवप्रकाश साहित्य एवं एखलाक भारती ने आगंतुक जनों के प्रति स्वागत संबोधन किया।
काशी काव्य संगम में अनेकों लोगों ने डॉ. शिवप्रकाश साहित्य का अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह आदि भेंट किया।
कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में उपस्थित लोगों से मुख्य अतिथि प्रोफेसर जी.सी. जायसवाल ने कहा कि हम सब हिन्दी की बिंदी ना बिगाड़े, अधिक से अधिक हिन्दी भाषा का प्रयोग करें। इसके उत्थान के लिए हर संभव प्रयास करें। आयोजन की अध्यक्षता करते हुए हीरालाल मिश्र ने कहा कि हिन्दी और हिन्दुस्तान की गरिमा को गौरवान्वित करने वाले लोगों और हिन्दी भाषियों के हितार्थ निःसंकोचभाव से तत्पर रहने की आवश्यकता है।
कवि सम्मेलन में कवि आलोक सिंह बेताब,एकलाख भारती, डॉ. नसीमा निशा, झरना मुखर्जी,विमल बिहारी,अशोक श्रीवास्तव भुलक्कड़ बनारसी, रामनरेश नरेश, नागेश शांडिल्य, रविशंकर पाण्डेय,चिंतित बनारसी, करूणा सिंह,योगेश समदर्शी, इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक, मनोज मिश्र अनु, मुनीन्द्र पाण्डेय मुन्ना, जयप्रकाश धानापुरी, डॉ. रामानन्द दीक्षित, डॉ. सभाजीत दीक्षित,रीतू दीक्षित, संध्या श्रीवास्तव,उषा पाण्डेय, शिखा चटर्जी, डॉ. सविता दीक्षित,दीपक शर्मा, त्रिभुवन सिंह, गणेश सिंह प्रहरी, चन्दन यादव , अमृत राज पाण्डेय, धीरेन्द्र श्रीवास्तव धीर, मधुबाला सिंह, अरूण कुमार द्विवेदी, अर्चना त्रिपाठी, प्रियंवदा दुबे, विजयकांत त्रिपाठी सहित अनेकों रचनाकार उपस्थित थे।
धन्यवाद आभार आलोक कुमार सिंह ने व्यक्त किया।
