
वाराणसी। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ‘जिला स्तरीय उद्योग बन्धु’ एवं ‘जनपदीय एमओयू क्रियान्वयन इकाई’ की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में वाराणसी के औद्योगिक परिदृश्य को लेकर अत्यंत उत्साहजनक और सकारात्मक प्रगति सामने आई है।
प्रमुख सफलताएं:
* GBC 5.0 लक्ष्य से अधिक पूर्ति: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GBC 5.0) के लिए वाराणसी को दिए गए ₹6,000 करोड़ के निवेश लक्ष्य के सापेक्ष जनपद ने ₹6,439.99 करोड़ की उपलब्धि प्राप्त कर ली है। यह लक्ष्य का लगभग 107% है, जिसमें ₹3,555.26 करोड़ की परियोजनाएं ‘निवेश सारथी’ पोर्टल पर पंजीकृत हो चुकी हैं।
* निवेश और रोजगार में बढ़ोत्तरी: जनपद में अब तक कुल 198 एमओयू (MoU) के माध्यम से ₹21,589.22 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। वर्तमान में 70 परियोजनाएं पूरी तरह ऑपरेशनल हो चुकी हैं, जिनमें ₹2,760.69 करोड़ का निवेश धरातल पर उतर चुका है। शेष 52 परियोजनाओं पर कार्य तेज़ी से जारी है।
* रमना टेक्सटाइल पार्क की तैयारी: ग्राम रमना में 75 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क को लेकर विभाग सक्रिय है। निवेशकों में उत्साह जगाने के लिए विभिन्न संगठनों जैसे ‘इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिऐशन’ और ‘उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट एसोसिऐशन’ के साथ कई बैठकें की गई हैं, जिनमें स्थानीय स्टेक होल्डर्स ने सकारात्मक दृष्टिकोण दिखाया है।
* निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान:
* मेसर्स गजाधर टेक्नोसिस: इकाई के परियोजना स्थल पर चक मार्ग विनिमय (Exchange) की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।
* मेसर्स अरविन्द लिमिटेड: परियोजना स्थल की धारा-80 से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
* निवेश मित्र पोर्टल की सफलता: वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक पोर्टल पर प्राप्त 5,980 आवेदनों में से 5,430 को स्वीकृत किया जा चुका है, जो प्रशासनिक कुशलता को दर्शाता है।
प्रशासनिक निर्देश:
जिलाधिकारी ने यूपीसीडा और अन्य विभागों को निर्देशित किया कि वे निवेशकों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी हर समस्या का समयबद्ध निस्तारण करें। साथ ही, श्री राजेश भाटिया अध्यक्ष स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा औद्योगिक आस्थान चांदपुर से संबंधित उठाए गए प्रकरण पर जिलाधिकारी द्वारा औद्योगिक विद्युत कनेक्शन का विद्युत बिल भुगतान चेक से स्वीकार किए जाने के निर्देश दिए गए और सुरक्षा हेतु पुलिस गश्त बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए।इसके साथ ही जिलाधिकारी महोदय द्वारा जनपद में फ्लैटेड फैक्ट्री के प्रस्ताव भेजवाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उपस्थित उद्यमियों ने वाराणसी के बदलते निवेश परिवेश और प्रशासनिक सहयोग की सराहना की।
(उपायुक्त उद्योग)
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, वाराणसी
