सीपीआर प्रशिक्षण से स्वयंसेविकाएं बनीं जीवन रक्षक कौशल में दक्ष

 

वाराणसी।राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की चतुर्थ इकाई के सप्त-दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस पर बुधवार को एक अत्यंत उपयोगी एवं जनहितकारी प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।

यह सत्र कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य विषय “आपातकालीन चिकित्सा सहायता” रहा।

मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षण सत्र

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. शिव शक्ति प्रसाद द्विवेदी (राजकीय चिकित्सा अधिकारी) उपस्थित रहे।

उन्होंने स्वयंसेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपातकालीन स्थिति में सही समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा किसी भी व्यक्ति के जीवन को बचा सकती है।

डॉ. द्विवेदी ने स्वयंसेविकाओं को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन की तकनीक का प्रायोगिक प्रदर्शन करके विस्तार से समझाया।

उन्होंने बताया कि हृदय गति रुकने या सांस न आने की स्थिति में किस प्रकार सही दबाव, गति और तालमेल के साथ सीपीआर दिया जाता है। इस दौरान स्वयंसेविकाओं ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए सीपीआर का अभ्यास किया, जिससे वे भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी सहायता प्रदान कर सकें।

वरिष्ठ मार्गदर्शन एवं प्रेरणा

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु काशी हिंदू विश्वविद्यालय की कार्यक्रम समन्वयक डा स्वप्ना मीणा एवं वसंत कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने अपनी अनुमति एवं मार्गदर्शक सहमति प्रदान की। उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से स्वयंसेविकाओं को समाज सेवा के प्रति निरंतर समर्पित रहने का आह्वान किया तथा आयोजन की सफलता हेतु अपना आशीर्वचन एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।सार्थक एवं प्रेरणादायी आयोजन शिविर का द्वितीय दिवस स्वयंसेविकाओं के लिए जीवन रक्षक कौशल सीखने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव द्वारा मुख्य अतिथि एवं समस्त मार्गदर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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