
रिपोर्ट उपेन्द्र कुमार पांडेय
आजमगढ़:: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ली राहत की सांस, जुलूस में प्रशासन से हुई धक्का मुक्की, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन, कहा वर्तमान में सामान्य वर्ग सबसे ज्यादा शोषण का शिकार है ।आजमगढ़ कलेक्ट्रेट पर गुरुवार को यूजीसी के विवादित नियम को लेकर दिन में जमकर हंगामा हुआ।
आपसी संवाद के जरिए गुरुवार को पहले तो शहर के चौक स्थित वेस्ली कॉलेज में सवर्णों का जमावड़ा हुआ।
जिसके बाद वहां से जुलूस निकला जो अग्रसेन चौक होते हुए घंटाघर, फिर वहां से पोस्ट ऑफिस से कलेक्ट्रेट पहुंचा था। इस बीच जगह जगह पुलिस प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का मुक्की भी देखने को मिली।
इस दौरान लोगों ने कहा कि अब शिक्षण संस्थानों में भी अमली जामा पहनाने की कोशिश की जा रही।
जबकि पहले से जारी नियम में यह था कि अगर कोई गलत आरोप लगाता है तो उस पर भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। लेकिन इसको बदलकर एक तरफा कर दिया गया।
एससी एसटी एक्ट का जिस तरह से दुरुपयोग हो रहा है ऐसे में सवर्ण का कोई प्रतिनिधित्व नहीं रहेगा तो भेदभाव होता रहेगा। हम स्वर्ण खुद ही शोषित वंचित हो गए। हालांकि इस यूजीसी 2026 के नए नियम पर जब सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई तो स्वर्णों ने राहत की सांस ली है।
