पुरानी जेल की जमीन पर मिला कटा हुआ मानव पैर, इलाके में सनसनी, अस्पताल का मेडिकल वेस्ट या सोची-समझी हत्या, सवालों के घेरे में जिम्मेदार

 

रिपोर्ट उपेंद्र कुमार पांडेय 

 

आजमगढ़। शहर कोतवाली से मात्र कुछ ही दूरी पर स्थित पुरानी जेल की जमीन पर एक कटा हुआ मानव पैर मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बीच शहर में मानव अंग मिलने की खबर फैलते ही मौके पर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

 

सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पुरानी जेल और उसके आसपास के पूरे इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया, ताकि कटे हुए पैर के बाकी शरीर का पता लगाया जा सके। हालांकि, काफी मशक्कत के बाद भी शरीर का कोई अन्य हिस्सा बरामद नहीं हो सका। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए कटे हुए पैर को सील-पैक कर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है।

 

घटना को लेकर स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों में कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं, जिसमें मेडिकल वेस्ट की लापरवाही, दूसरी हत्या की साजिश बताई जा रही है।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नगरपालिका की गाड़ी द्वारा किसी निजी या सरकारी अस्पताल का कचरा पास में ही बने डंपिंग यार्ड में लाकर फेंका गया था। आशंका जताई जा रही है कि पैर उसी मेडिकल वेस्ट का हिस्सा था, जिसे बाद में कोई आवारा कुत्ता वहां से खींचकर सड़क के पास ले आया।

दूसरी आशंका यह भी जताई जा रही है कि किसी व्यक्ति की हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शरीर के टुकड़े कर यहाँ फेंके गए हों। इस संवेदनशील घटना ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि यह किसी अस्पताल का मेडिकल वेस्ट है, तो नियमों को ताक पर रखकर मानव अंग को शहर के भीड़भाड़ वाले डंपिंग यार्ड में क्यों फेंका गया? क्या चंद रुपयों के लालच में जनता के स्वास्थ्य और भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है? और वही यदि यह मामला हत्या का है, तो शहर के व्यस्तम इलाके में शव के टुकड़े फेंक दिए गए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इस पूरे मामले पर आजमगढ़ पुलिस अभी कुछ भी स्पष्ट कहने से बच रही है। खबर लिखे जाने तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डंपिंग यार्ड के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *