
वाराणसी। रामनगर दुर्ग स्थित वेदव्यास मंदिर में गत 28 जनवरी से प्रारंभ अथर्ववेद की शौनक शाखा के संपूर्ण एकाकी कंठस्थ पारायण का कार्यक्रम सफलतापूर्वक रविवार माघ पूर्णिमा के अवसर पर संपन्न हुआ। कार्यक्रम संयोजक काशी के सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान वेदमूर्ति पं चंद्रशेखर घनपाठी द्राविड़ जी ने बताया कि काशीराज स्व डॉ विभूति नारायण सिंह जी द्वारा सन 2000 तक उसके उपरांत काशीराज महाराजकुमारी परिवार द्वारा विगत 70 वर्षों से अविच्छिन्न रूप से माघ मास में एकाकी कंठस्थ संपूर्ण शाखा पारायण आयोजित किया जाता रहा है ।इसी क्रम में वर्ष 2026 में अथर्ववेद की शौनक शाखा का संपूर्ण एकाकी कंठस्थ शाखा पारायण भारत के अथर्ववेद के प्रसिद्ध वैदिक विद्वान वेदमूर्ति देसिक नारायण कस्तूरे गुरु जी के शिष्य नांदेड़ महाराष्ट्र के वेदमूर्ति वेदांत विजय कुमार जोशी ने किया तथा इस पारायण के श्रोता पुणे के वेदमूर्ति श्री दुर्गादास अम्बुलगेकर गुरूजी रहे। पारायण के सफलतापूर्वक समापन पर महाराज कुमारी विष्णुप्रिया ,महाराजकुमारी कृष्णप्रिया ने विद्वान द्वय को वेद रत्नम सम्मान ,अंगवस्त्रम एवं दक्षिणा देकर सम्मानित किया।
