
वाराणसी। समाजवादी पार्टी कार्यालय अर्दली बाजार में निर्माण एवं सृजन के देवता विश्वकर्मा जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। जिसमें समाजवादी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता एवं विश्वकर्मा समाज के लोग भारी संख्या में उपस्थित थे। अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती का दिन हमें श्रम के लिए संकल्पित होने की प्रेरणा देता है। भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के देवता हैं। संसार के प्रथम वास्तुकार की संज्ञा भी उन्हें दी गई है। मुख्य अतिथि अकबरपुर के विधायक रामअचल राजभर ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा भारत में बड़े ही उच्च स्तर पर मनाया जाता है। हम सभी को रहने और किसी भी निर्माण के लिए शिल्पज्ञान का होना अत्यंत आवश्यक है। भगवान विश्वकर्मा को शिल्प ज्ञान का पितामह कहा जाता है। ऐसा मानते हैं कि भगवान विश्वकर्मा को जन्म से ही शिल्प का ज्ञान प्राप्त था। पुराणों में वर्णित इन्द्र सिंहासन और पुष्पक विमान भगवान विश्वकर्मा द्वारा ही बनाया गया था।
संचालन करते हुए जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट ने कहा कि श्रम से सृजन की सार्थकता को विश्वकर्मा जी ने ही समाज में स्थापित किया। विश्वकर्मा जी की कुशल तकनीकी, कौशल और श्रमशीलता प्रेरणादायी है। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ,संचालन जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट और धन्यवाद ज्ञापन पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. सुभाष राजभर प्रदेश सचिव, विष्णु शर्मा, शिवबली विश्वकर्मा, जितेंद्र यादव, संजय राजभर, हरिशंकर विश्वकर्मा, जियालाल राजभर, पार्वती कन्नौजिया, संदीप लोहार, अशोक यादव, रामसेवक राजभर, त्रिभुवन राजभर, रामकुमार यादव, संजू विश्वकर्मा, विजय कन्नौजिया, कैलाश यादव, संजय कुमार व विनोद शुक्ला आदि थे।
