वाराणसी।वार्षिक सर्जना 2025-26 युवा सांस्कृतिक महोत्सव के अंतर्गत विविध प्रतियोगिताओं का भव्य प्रेरणादायक एवं सफल आयोजन किया गया।

प्राचार्या प्रोफ़ेसर रचना श्रीवास्तव के मार्गदर्शन तथा प्रबंधक श्रीमती उमा भट्टाचार्य के संरक्षण में आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य छात्राओं की सृजनात्मक प्रतिभा भाषिक-कौशल कलात्मक दक्षता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता को प्रोत्साहित करना रहा।

महोत्सव का शुभारंभ चित्र वर्णन प्रतियोगिता”से हुआ।जिसमें छात्राओं ने दिए गए चित्रों के आधार पर सजीव प्रभावशाली एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। कुल 33 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सर्जना कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. आरती कुमारी एवं डॉ. सरोज उपाध्याय रहीं। कार्यक्रम का सफल संचालन संयोजक डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव एवं डॉ. सौमिली मंडल ने किया। इसी क्रम में दूसरा कार्यक्रम पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता”आयोजित की गई। जिसका विषय वसुंधरा”रखा गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और धरती के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देना था। कुल 28 प्रतिभागियों ने रंगों और रचनात्मकता के माध्यम से पृथ्वी-रक्षा का प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किया। इसके साथ ही वाग्मिता प्रतियोगिता” का आयोजन किया गया जो जल जंगल ज़मीन”जैसे अत्यंत महत्त्वपूर्ण विषय पर आधारित थी। कुल 47 प्रतिभागियों ने प्राकृतिक संसाधनों पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास जैसे मुद्दों पर स्पष्ट तार्किक और सशक्त विचार प्रस्तुत किए। यह प्रतियोगिता महोत्सव के सबसे प्रभावशाली कार्यक्रमों में से एक रही। महोत्सव के अंतर्गत फेस पेंटिंग प्रतियोगिता”ने भी छात्राओं की कलात्मक अभिव्यक्ति को एक नया आयाम दिया। प्रकृति : जीवन आत्मा”विषय पर आधारित इस ऑन-द-स्पॉट प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने प्रकृति के विविध रूपों व संदेशों को चेहरे पर नयनाभिराम कला के रूप में चित्रित किया। प्राकृतिक रंगों रचनात्मकता और पर्यावरणीय चेतना का सुंदर संगम इस प्रतियोगिता की विशेषता रही। महोत्सव का अंतिम कार्यक्रम हस्तशिल्प प्रतियोगिता”रहा जो सेमिनार हॉल में अपराह्न 4 बजे आयोजित हुई। परंपरा और प्रकृति का संगम”विषय पर आधारित इस प्रतियोगिता में छात्राओं ने मिट्टी लकड़ी पत्थर आदि प्राकृतिक माध्यमों से तैयार अपने हस्तनिर्मित कार्यों के माध्यम से मौलिकता और सृजनशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सभी प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने अपनी प्रतिभा कल्पना शक्ति तथा सृजनात्मक क्षमता का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया] जिससे सर्जना महोत्सव महाविद्यालय के सांस्कृतिक जीवन में एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया। इन कार्यक्रमों में संयोजक के रूप सफल संचालन में संयोजक डॉ. पूनम वर्मा डॉ. दीक्षा जायसवाल डॉ. शशिकेश कुमार गोंड तथा डॉ. आरती चौधरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एवं प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन जिन निर्णायकों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से किया उनमें मालविका राजलक्ष्मी जायसवाल] डॉ. सुधा चौबे डॉ. वर्षा सिंह] डॉ. नेहा वर्मा] डॉ. कल्पना द्विवेदी डॉ. मनोज कुमार सिंह] डॉ. रवि कुमार] सुशील कुमार यादव अंजू लता सिंह डॉ. खुशबू मिश्रा सुश्री प्रवीरा सिन्हा प्रो. संगीता देवड़िया प्रो. गरिमा उपाध्याय तथा डॉ. प्रियंका प्रमुख रूप से सम्मिलित रहीं।

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