
30 कैदियों से संवाद कर योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई तेज
वाराणसी। केंद्रीय कारागार में शुक्रवार को दिव्यांग सिद्धदोष बंदियों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की गई। यह कार्यक्रम महानिदेशक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं उत्तर प्रदेश, लखनऊ के परिपत्र संख्या-03/सामा-1(6) दिव्यांग बंदी/2026 के अनुपालन में सम्पन्न हुआ।;संगोष्ठी के दौरान कारागार में निरुद्ध 30 दिव्यांग सिद्धदोष बंदियों से व्यक्तिगत संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली गई। निदेशक सीआरसी आशीष कुमार झां तथा जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी रामप्रकाश सिंह ने केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से संचालित दिव्यांग पेंशन योजना, आश्रित बच्चों की शिक्षा अनुदान योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। बताया कि 16 बंदियों को पेंशन योजना से जोड़ने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। सात बंदियों के नए आधार कार्ड बनाए जाएंगे तथा 23 बंदियों के आधार से संबंधित लंबित कार्यों को पूर्ण करने के लिए चिन्हित किया गया है। आधार प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिव्यांग प्रमाण पत्रों का अद्यतन एवं नए प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त आवश्यकता अनुसार मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, सेंसर युक्त छड़ी, कृत्रिम अंग, बैसाखी सहित सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। ‘नई सुबह’ के मनोचिकित्सक डॉ. अजय तिवारी ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र ने सभी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से दिव्यांग बंदियों को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सकेगा। कार्यक्रम में जेलर अखिलेश कुमार, किशन सिंह बाल्दिया, राजा बाबू, फार्मासिस्ट संदीप खरे समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










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