दुर्लभं त्रयमेतत् देवानुग्रह हेतुकम् ।मनुष्यत्वं मुमुक्षुत्वं महापुरुष संश्रय।

 

रिपोर्ट:- उपेन्द्र कुमार पांडेय 

 

आजमगढ़।पटवध कौतुक में चल रही श्री राम कथा के सप्तम दिवस कथा प्रवक्ता आचार्य राहुल शास्त्री

जी महाराज ने श्रोताओं को बताया

श्री राम कथा के अन्तर्गत तीन चीज इस मृत्यु लोक धरा धाम पर है परम दुर्लभ ?

दुर्लभं त्रयमेतत् देवानुग्रह हेतुकम् ।

मनुष्यत्वं मुमुक्षुत्वं महापुरुष संश्रयः ॥

भावार्थ -मनुष्य का जन्म,मुक्ति की इच्छा,

महापुरुषों का सानिध्य

यह तीनों चीजें राम कृष्ण परमेश्वर की कृपा से प्राप्त होता हैअगर हमारे जीवन में संत का आगमन हो गया है तो वह परमात्मा अवश्य प्राप्त करेगा ।मोक्ष की कामना करें या ना करें तो भी महा पुरुष संत) मिल गए तो कुछ शेष न रह गया अर्थात सब कुछ प्राप्त हो जायेगा ।

उदाहरण

जैसे लंका मे विभीषण को हनुमान जी मिले उसका परिणाम हुआ कि भगवान राघव के ऊचरण कमल प्राप्त हो गये

विभीषण जीवआत्मा है ,हनुमान जी महात्मा है,रघुनाथ परमात्मा है।

तो यह सिद्ध होगा है। हनुमान जैसा कर संत हमारे जीवन में आ जाएगा तो निश्चित रूप से वह परमात्मा हमको एक-एक दिन प्राप्त हो जाएगा ।श्रीराम कथा हमको जीना सिखाती और श्रीमद्भागवत कथा हमको मरना सिखाती है।इसलिए हमको जीवन में सत्संग करना चाहिए भगवान राम की कथा को समय-समय पर श्रवण करना चाहिए। अपने घर पर नित्य राम कथा श्री रामचरितमानस का अध्ययन करना चाहिए । इस अवसर पर आचार्य राहुल शास्त्री महाराज और आचार्य अखंड प्रताप दूबे, विशाल शास्त्री, पंडित ज्ञान तिवारी समस्त पटवध कौतुक के ग्रामवासी और क्षेत्रवासी मौजूद थे।

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