आयोजन की रुपरेखा तय 

वाराणसी |सोनारपुरा स्थित श्री विद्या मठ में आयोजित पत्रकार वार्ता में शंकराचार्य जी ने कहा स्वयं को असली हिन्दू के रूप में प्रतिष्ठापित करने या नकली हिन्दू के रूप में ख्यापित होने के लिये आदित्यनाथ योगी जी को दिए गए 40 दिनों के समय में से 30 दिन पूर्ण हो चुके हैं।पूर्व में 11वें दिन और 21वें दिन की गई प्रेस वार्ताओं के माध्यम से उन्हें निरंतर सचेत किया गया था,किंतु अत्यंत खेद का विषय है कि पिछले 10 दिनों में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है।उन की विदेश यात्रा उनकी शिथिलता का बहाना नहीं हो सकती। हमारे द्वारा दिए गए —गोमाता को राज्यमाता घोषित करने और उत्तरप्रदेश से बीफनिर्यात पर पूर्णतया प्रतिबन्ध लगाने जैसे दो मुख्य कार्यों और गोहत्या निरोध में सहयोगी ‘पंचसूत्रीय माँगपत्र’ पर उनकी सरकार, सत्ताधारी दल और उनके उत्तरदायी नेताओं की चुप्पी उनकी गो-भक्त विरोधी मानसिकता को अब तक तो पुष्ट करती ही नजर आ रही है। या यूं कहें कि अब सारी अपेक्षाएं शेष 9- 10 दिनों पर टिकी हैं।

उन्होंने ने कहा हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि यह ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ पूर्णतः अहिंसक और वैचारिक होगा। हमारा अस्त्र ‘शास्त्र और संवाद’ है, ‘हिंसा’ नहीं। हम सत्ता को उसकी नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी का स्मरण कराने हेतु शांतिपूर्ण मार्ग से सात मार्च को क्रमशः लखनऊ की ओर ‘गोप्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ के माध्यम से प्रस्थान करेंगे। यदि इन 9-10 दिनों में निर्णय नहीं हुआ, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी योगी आदित्यनाथ, प्रदेश सरकार, संबंधित राजनीतिक दल और उनके नेतृत्व की होगी।

शंकराचार्य जी ने आगामी कार्यक्रम एवं लखनऊ प्रस्थान मार्ग रुपरेखा तय किया।

काशी के शंकराचार्य घाट पर ‘गो-ब्राह्मण प्रतिपालक’ वीर शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर गंगामाता की पूजा कर वैचारिक गोप्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध शंखनाद का संकल्प लिया जाएगा।

प्रातः 8.30 बजे श्री विद्या मठ से प्रस्थान। काशी के प्रसिद्ध संकटमोचन मंदिर में संकटमोचन हनुमानाष्टक, हनुमान चालीसा और बजरंग बाण के पाठ के साथ विघ्नों के नाश की प्रार्थना कर यात्रा का श्रीगणेश होगा।

7 मार्च को जौनपुर, सुल्तानपुर रायबरेली में सभा व रात्रि विश्राम।

8 मार्च को रायबरेली से मोहनलालगंज,लालगंज ,अचलगंज उन्नाव में सभा व रात्रि विश्राम।

9 मार्च को उन्नाव, बांगरमऊ,बघौली, नैमिषारण्य में सभा एवं रात्रि विश्राम।

10 मार्च: नैमिषारण्य से सिधौली, इटौंजा सभा के साथ लखनऊ सीमा में प्रवेश एवं रात्रि विश्राम ।

11 मार्च 2026 दोपहर 2.30 बजे से सायं 5 बजे तक कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल, पासी किला चौराहा, आशियाना, लखनऊ में होगा।

जिसमें मंगलाचरण, गो मय गणेश पूजन, गो-ध्वज प्रतिष्ठा और ‘धर्मयुद्ध शंखनाद’ सहित विद्वानों सन्तों- गो भक्तों के वाग्बाण के अनुभव का अवसर होगा। सत्ता की उदासीनता गौ-भक्तों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। 11 मार्च का लखनऊ आगमन शासन की अंतिम चेतावनी सिद्ध होगा।

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