मंडप में विभिन्न राज्यों के 40 विद्वानों ने वाल्मिकि रामायण के बाल कांड का किया समवेत पारायण

 

रिपोर्ट :-अनुपम भट्टाचार्य

 

वाराणसी। श्री गणेश पूजन, पंचगव्य प्राशन व दीक्षा धारण रीति के साथ काशी में गुरुवार को श्रीराम पट्टाभिषेक महोत्सव का दिव्य श्रीगणेश हुआ। लोकमंगल व समूचे विश्व के सर्वविदित कल्याण की कामना से मानसरोवर स्थित श्रीराम तारक आश्रम के प्रांगण में लगातार तीसरे वर्ष आयोजित इस महाउत्सव के याज्ञिक सत्र में वैदिक विद्वानों ने पवित्र मंत्रोच्चारण के बीच परम पावन अग्नि की स्थापना की। पंच गव्य प्राशन के रीति निर्वहन के बीच यज्ञ के मुख्य यजमान तथा आन्ध्रा आश्रम के प्रबंध न्यासी वीवी सुंदर शास्त्री को दीक्षा धारण कराया गया। गणेश पूजन के प्रथम अनुष्ठान के संपादन के उपरांत वाल्मिकि रामायण के बाल कांड में वर्णित श्रीराम जन्म व परिणय बंधन आदि प्रसंगों के अनुरुप श्रीराम जानकी सहित सभी प्रमुख पात्रों के नाम से यज्ञ कुंड में आहुतियां समर्पित की गई।

दूसरी ओर आश्रम स्थित श्रीरामालय के मंडप में देश के विभिन्न राज्यों से आये प्रकांड विद्वानों ने वाल्मिकि रामायण के बाल कांड के सम्पूर्ण श्लोकों का पारायण किया। महिलाओं ने श्रीराम जन्मोत्सव व विवाह कल्याणम् के लोकाचार भी संपादित किये।

इसके पूर्व यज्ञ के मुख्य आचार्य उलीमिरी सोमायाजुलू ने मुख्य यजमान वीवी सुंदर शास्त्री को सपत्नीक दीक्षा प्रदान कर उन्हें आसन ग्रहण कराया। उत्सव की पूर्व संध्या पर बुधवार की शाम वाल्मिकि रामायण की भव्य शोभायात्रा निकाली गई।

उत्सव के मुख्य यजमान वीवी सुंदर शास्त्री धर्म पत्नी वेमुरी उमा रामायण की पोथी मस्तक पर धारण करके आगे-आगे चल रहे थे। स्थानीय भक्तों के अलावा दक्षिण भारत के पांचों प्रांतों से आये श्रद्धालु भजन कीर्तन करते उनके अनुगामी बने।

काशी केदार खंड की गलियों से गुजरती शोभायात्रा का समापन मानसरोवर स्थित आन्ध्रा आश्रम के उत्सव मंडप में रामायण के पोथी के वेदिका स्थापन के साथ हुआ।

इसमें मुख्य रूप से श्री अन्नदानम चिदम्बर शास्त्री, सी वी बी सुब्रह्मण्यम, सिवा शर्मा, पप्पू कृष्ण प्रसाद रहे सभी कार्यक्रमों का संयोजक आश्रम के प्रबंधक वीवी सीताराम ने किया।

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