वाराणसी। उदय प्रताप कॉलेज परिसर में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की दिनदहाड़े हुई हत्या की घटना पर देश-विदेश में रहने वाले कॉलेज के प्राचीन छात्रों ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। साहित्यकार और प्राचीन छात्र एसोसिएशन के अध्यक्ष डा.रामसुधार सिंह को भेजें गए पत्र में इस अमानवीय घटना की कड़ी निंदा करते हुए मृतक छात्र के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की गई है और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि जिस पवित्र भूमि को राजर्षि उदय प्रताप सिंह ने अपने आदर्शों और सपनों से सींचा, उसी धरती पर उनकी संतान का रक्त बहना अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक है। इस घटना ने न केवल कॉलेज की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाया है, बल्कि देश-विदेश में बसे हजारों प्राचीन छात्रों को भी गहरा आहत किया है।
प्राचीन छात्रों ने अपने संदेश में कहा कि यह संस्थान हमेशा अनुशासन, चरित्र निर्माण और भाईचारे की परंपरा के लिए जाना जाता रहा है। यहां सीनियर और जूनियर छात्रों के बीच भाई-बहन से भी अधिक आत्मीय संबंध देखने को मिलते रहे हैं। ऐसे में परिसर में इस तरह की घटना कॉलेज की गौरवशाली परंपरा को धूमिल करती है।
प्राचीन छात्रों ने कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस घटना के प्रत्यक्ष और परोक्ष कारणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। साथ ही कॉलेज प्रशासन से इस घटना में हुई नैतिक जिम्मेदारी की चूक स्वीकार करते हुए जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई है। पत्र में यह भी सुझाव दिया गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कॉलेज के अनुशासन तंत्र को सुदृढ़ किया जाए तथा छात्रावासों की व्यवस्था बेहतर की जाए, ताकि दूर-दराज से आने वाले छात्रों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।
प्राचीन छात्रों ने आशा जताई कि सभी के सहयोग से कॉलेज की गरिमा पुनः स्थापित होगी। साथ ही बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की कि इस प्राचीन विद्या मंदिर पर अपनी कृपा बनाए रखें, ताकि यहां सदैव ज्ञान और संस्कार की साधना होती रहे।
