काशी के कवियों ने काव्य कर श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध

 

मिर्जापुर।बौद्ध महासभा सुष्मारगिरि (ट्रस्ट) द्वारा प्रियदर्शी सम्राट अशोक महान जयन्ती समारोह का आयोजन बुधवार को सरैया सिकंदरपुर चुनार स्थित विमल लान में महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री जगरनाथ कुशवाहा जी एवं विशिष्ट अतिथि श्री रामनरेश नरेश जी थे। मुख्य वक्ता शालिनी कुशवाहा जी रही।

इस अवसर पर प्रति वर्ष दिए जाने वाला पुरस्कार बौद्ध महासभा के द्वारा संस्था के लिए समर्पित तीन सदस्यों सर्व श्री नयन वर्मा जी, राजनारायण सिंह जी और अजय कुमार जी को प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में अशोक महान के व्यक्तित्व और कृतित्व पर तमाम वक्ताओं ने प्रकाश डाला।

तत्पश्चात् भव्य कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में सुष्मारगिरि साहित्यिक मंच की तरफ से साहित्यिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए माता साबित्री बाई फुले पुरस्कार वरिष्ठ साहित्यकार श्री हरिवंश सिंह बवाल जी (चंदौली) को तथा “कुशवाहा कांत स्मृति पुरस्कार” श्री नाथ सोनांचली (वाराणसी) को प्रदान किया गया।

कवि सम्मेलन की शुरुआत ओज और हास्य के धुरंधर युवा कवि प्रमोद कुमार निर्मल जी के काव्य पाठ से हुआ।

प्रयागराज झूंसी से आये हुए वरिष्ठ साहित्यकार कामरेड मोहनलाल यादव ने अपनी प्रसिद्ध कविता अलगौझी -जोखू और जवाहिर हो गए भारत पाकिस्तान, सुनाकर पारिवारिक विघटन पर सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कवि ई.रामनरेश “नरेश” ने सुनाया -“बेटी पढ़ाव भैया बेटी के बचाव हो” सुनाकर खूब तालियां बटोरी I

वाराणसी से आये कवि डॉ छोटेलाल सिंह ‘मनमीत’ जी ने सुनाया- “उठो जागो भर दो हुंकार” यथार्थ विष्णु ने सुनाया -“आज भी भारत सड़क पर रो रहा है”

प्रद्युम्न त्रिपाठी जी ने सुनाया -“कस लो कमर जवानों, गोपाल कुशवाहा जी ने सुनाया -“आग पानी में लगाते हैं लगाने वाले”, अनवर अली अनवर जी ने धनिया की चटनी पर आधारित गीत सुनाया I

मधुपुर सोनभद्र से आये शायर राधेश्याम पाल जी ने सुनाया -“करो कुछ श्याम ऐसा ज़िन्दगी में, मरो क़िरदार जिंदाबाद करके”।

कार्यक्रम में स्थानीय कवि सर्वश्री राजकुमार राजन, माखन लाल झटपट, सजंय उमंग, शीतला गौरव आदि अपनी रचनाएँ पढ़ी I

कार्यकम में बौद्ध महासभा के अध्यक्ष प्रियदर्शी अशोक सिंह, संरक्षक जय प्रकाश सिंह और श्री बल्लू राम मौर्य, उपाध्यक्ष राजनारायण कुशवाहा , महामंत्री श्री रंग बहादुर सिंह , कोषाध्यक्ष अजय कुमार विमल, सहित संस्था के तमाम सदस्यों के साथ साथ आम श्रोताओं की भारी भीड़ रही।

कवि सम्मेलन की अध्यक्षता जय प्रकाश जय ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में विमल उत्सव वाटिका के संचालक अजय विमल और अतिथियों, साहित्य कारों और प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया I इस सफल कवि सम्मेलन को भव्यता तथा ऊंचाई गीतकार और प्रसिद्ध मंच संचालक वाराणसी से पधारे श्री नाथ सोनांचली जी ने किया

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