मस्तकाभिषेक के साथ कल राज्यारोहण करेंगे राजाधिराज श्री राम प्रभु

 

रिपोर्ट :-अनुपम भट्टाचार्य 

 

वाराणसी। काशी के श्री राम तारक आंध्र आश्रम में शुक्रवार को श्री राम – जानकी परिणयोत्सव की धूम रही। काशी केदार तीर्थ क्षेत्र में चल रहे द्वादश दिवसीय श्री राम पट्टाभिषेक महोत्सव के नौवें दिन रामालय मंडप में दाक्षिणात्य परंपरा के अनुसार श्री राम प्रभु व देवी जानकी का परिणयोत्स रचाया गया।

इस अवसर पर वैदिक अनुष्ठानों के साथ दी हल्दी-कुंकुम जैसी लोकाचारी रीतियां भी निभाई गई। मंगलगीतों की स्वर लहरियों के बीच सुहागिन महिलाओं ने विवाह मंडप में हल्दी – कुंकुम का जो फाग रचाया उससे मंदिर प्रांगण में मानो लाल-पीली कालीन सी बिछ गई। इसके पूर्व उत्सव के यज्ञ मंडप में वैदिक शाखोच्चारों के बीच पुरोहितों ने – विवाहकल्याणम की रीतियां पूरी कीं।

वर-वधू के आसन पर चल प्रतिमाएं स्थापित कर उनका वंदन – पूजन किया गया।

इस क्रम में भगवान रामचंद्र जी के द्वारा भगवान सीतामाता को मंगल सूत्र धारण, कांकण धारण, तालंब्रालू धारण, आदि दक्षिण भारती पद्धति से दक्षिण के विद्वान श्री श्याम शास्त्री,व बुद्ध शर्मा ने वैदिक पद्धति से कल्याणम सम्पन्न कराया। प्रसाद विवरण का क्रम दिन भर चलता रहा।

महोत्सव व यज्ञ के मुख्य आचार्य उलीमिरि सोमायजुलू ने बताया कि शनिवार को उत्सव प्रांगण में श्री राम प्रभु का पट्टाभिषेक कर उन्हें राज्यारोहण कराया जाएगा।इसके निमित्त देश की सभी पुण्य सलिला नदियों, सागर व श्री रामेश्वरम धाम के सभी प्रमुख कुंडो का जल मंगाया गया है। समस्त अनुष्ठान मुख्य यजमान वीवी सुंदर शास्त्री ने पूरे किये। उत्सव का संयोजन किया आश्रम के प्रबंधक वीवी सीता राम ने।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से तुलसी गजानन जोशी, तुलसी मनोज जोशी, अपला नारासाय्या, यूनियन बैंक के मैनेजर दीपक कुमार सिंह, शिव शर्मा, सी वी बी सुब्रह्मण्यम,धुलीपाल नारायण, आदि लोग उपस्थित रहे।

शनिवार प्रातः 9 बजे से श्री साम्राज्य पट्टाभिषेकम भगवान राम चंद्र जी को कई नदियोसे लाए जलो से किया जाएगा।

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