
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गौशाला व्यवस्था आदि की समीक्षा की। उन्होंने जनपद में संचालित सभी गौआश्रय स्थलों की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि गौशालाओं में मानकों के अनुसार ही सारे प्रबंध होने चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। गौशालाओं में निराश्रित गोवंश के समुचित रख रखाव, भूसा एवं चारे की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा की।
गर्मी के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि गौशालाओं में गोवंश को धूप से बचाव हेतु पर्याप्त छायादार शेड, ग्रीन नेट, जुट टाट की बोरी से छाया की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने खाली पड़े स्थलों पर वृक्षारोपण की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। साथ ही नियमित रूप से पानी का छिड़काव कर तापमान को नियंत्रित रखने के निर्देश भी दिए गए। सभी गौशालाओं में हरे चारा की उपलब्धता के साथ ही स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए। इसके लिए निर्बाध जल आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए। गोवंश के स्वास्थ्य एवं संचारी रोग नियंत्रण के संबंध में उन्होंने निर्देशित किया कि नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं पशु चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की बीमारी की सूचना मिलने पर तत्काल उपचार की समुचित व्यवस्था की जाए। जिलाधिकारी उन्होंने कहा कि भूसे का टेंडर सा समय कर लिया जाए और प्रत्येक गौशाला में पर्याप्त मात्रा में भूसे का भंडारण सुनिश्चित किया जाए तथा इसके लिए स्थायी रूप से भूसा बैंक एवं भूसा शेड की स्थापना की जाए ताकि वर्षभर गोवंश को चारे की कमी का सामना न करना पड़े। उन्होंने गौशालाओं की नियमित साफ सफाई, पशुओं के लिए पर्याप्त स्थान तथा निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी बल दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से गौशालाओं का निरीक्षण करें और व्यवस्थाओं की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने नगर निगम को निर्देशित किया कि जो सड़क पर आवारा पशु घूम रहे हैं उसे काजी हाउस में बंद किया जाए। सभी पशुओं जिओ टैगिंग का होना चाहिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गौशालाओं से संबंधित सभी भुगतान समय पर होने चाहिए और इसके लिए फंड रिक्वेस्ट भी समय से भेजी जाए।
