
वाराणसी।धर्मनगरी काशी में सनातन धर्म के सर्वोच्च पद पर प्रतिष्ठित ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ‘1008’ जी महाराज को दी गई जानलेवा धमकी के मामले में वाराणसी पुलिस का रवैया अत्यंत निराशाजनक है।
कल ही महाराज श्री के प्रतिनिधि श्री परमात्मानन्द जी द्वारा भेलूपुर थाने में इस संदर्भ में लिखित तहरीर दी गई थी, किंतु खेद का विषय है कि 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।
जगद्गुरु शंकराचार्य जी जैसे पूज्य व्यक्तित्व को धमकी मिलना करोड़ों अनुयायियों की आस्था और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती है। सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संज्ञेय अपराध में प्राथमिकी दर्ज न करना भेलूपुर पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न है। पुलिस की यह शिथिलता अपराधियों के मनोबल को बढ़ाने वाली है।
श्री परमात्मानन्द जी ने कहा कि यदि प्रशासन ने तत्काल दोषियों के विरुद्ध
कठोर कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की,तो न्याय की रक्षा हेतु उच्चाधिकारियों का घेराव और न्यायालय की शरण लेना ही अंतिम विकल्प होगा।
उक्त जानकारी शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी है।
