
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक वर्ष तक सोना खरीदने से परहेज करने की अपील का असर स्वर्णकार समाज, कारीगरों और सर्राफा व्यापारियों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा बचाने और आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए नागरिकों से गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने का आह्वान किया है।
पीएम मोदी जी द्वारा “एक साल तक सोना न खरीदने” की अपील का सुनारों, कारीगरों और सर्राफा कारोबार पर व्यापक असर पड़ सकता है। पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट और विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत का हवाला देते हुए लोगों से एक वर्ष तक सोने की खरीद टालने की अपील की है।
सोमवार को ठठेरी बाजार स्थित वाराणसी सर्राफा एसोसिएशन की बैठक अध्यक्ष संतोष अग्रवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में सर्राफा कारोबारियों का कहना था कि यदि आमजन विवाह, त्योहार और निवेश के लिए सोने की खरीद कम करते हैं, तो इसका सीधा असर बाजार की बिक्री पर पड़ेगा। इससे ज्वेलरी निर्माण कार्य घटने की संभावना है, जिससे सिर्फ बनारस में ही हजारों स्वर्णकारी करने वाले कारीगरों के रोजगार पर संकट खड़ा हो सकता है। वहीं छोटे सुनार और पारंपरिक आभूषण व्यवसाय से जुड़े परिवार आर्थिक दबाव महसूस कर सकते हैं।
हालांकि कुछ व्यापारियों का मानना है कि यह अपील राष्ट्रीय आर्थिक परिस्थिति को देखते हुए की गई है, लेकिन सरकार को सर्राफा उद्योग, कारीगरों और छोटे व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक राहत और रोजगार सुरक्षा पर भी विचार करना चाहिए।
बैठक का संचालन एसोसिएशन के महामंत्री रवि सर्राफ व धन्यवाद ज्ञापन पवन मिश्रा ने दिया।
बैठक में प्रद्युम्न जी अग्रवाल, सुमित वर्मा “चंदू” जी, संजय अग्रवाल, राघव दवे, जतिन रस्तोगी, गोपाल उपाध्याय “बमभोले”, पंकज सर्राफ, कमल कुमार सिंह, किशोर सेठ, विष्णु दयाल, सौरभ अग्रवाल, राहुल जायसवाल, गणेश कसेरा आदि मौजूद रहे।












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