रिपोर्ट :-अनुपम भट्टाचार्य 

 

वाराणसी।जब मानव हृदय में प्रेम की मधुर धारा अविरल प्रवाहित होती है और आत्मा एकत्व के दिव्य स्पंदन से आलोकित होती है, तभी मानवता का वास्तविक और पावन स्वरूप प्रकट होता है। यह वही स्थिति है जहाँ समस्त भेदभाव स्वतः विलीन हो जाते हैं और करुणा, समरसता तथा सार्वभौमिक भाईचारे का भाव जीवन्त हो उठता है। इसी दिव्य आध्यात्मिक चेतना को साकार करने हेतु संत निरंकारी मिशन द्वारा बाबा गुरबचन सिंह जी की पावन स्मृति में ‘मानव एकता दिवस’ 24 अप्रैल 2026 को श्रद्धा, समर्पण और प्रेममय वातावरण में आयोजित किया जाएगा, जो संपूर्ण मानव जाति को एकत्व, सेवा और सद्भाव का अमूल्य संदेश प्रदान करेगा।

सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन सान्निध्य में दिल्ली के बुराड़ी स्थित सरोवर के सम्मुख ग्राउंड नं. 2 में एक भव्य एवं दिव्य सत्संग का आयोजन किया जाएगा।

मलदहिया स्थित सत्संग भवन पर भी सुबह 9 बजे से 2 बजे तक विशाल रक्तदान शिविर एवं 10 बजे से 1 बजे तक सत्संग का आयोजन किया गया है।

इसके साथ ही देश-विदेश की विभिन्न शाखाओं में भी श्रद्धालु भक्त एकत्रित होकर इस दिव्य सत्संग को गहन आत्मिक भाव से साकार करेंगे। इस पावन संगम के माध्यम से हर हृदय प्रेम, शांति और भाईचारे के प्रकाश से आलोकित होगा तथा मानवता की एकसूत्रता का संदेश विश्वभर में प्रसारित होगा।

यह पावन दिवस बाबा गुरबचन सिंह जी एवं चाचा प्रताप सिंह जी की दिव्य स्मृति को समर्पित है, जिनका सम्पूर्ण जीवन त्याग, समर्पण और निःस्वार्थ सेवा की अद्वितीय मिसाल रहा है। उन्होंने अपने आचरण और विचारों के माध्यम से मानवता को प्रेम, विनम्रता और परोपकार का सच्चा मार्ग दिखाया। उनके दिव्य आदर्श आज भी प्रत्येक हृदय में सेवा, भक्ति और एकत्व की ज्योति प्रज्वलित करते हैं, और मानव मात्र को यह प्रेरणा देते हैं कि सच्ची साधना केवल शब्दों में नहीं, बल्कि निस्वार्थ सेवा, करुणा और आपसी भाईचारे के भाव में निहित हैं।

संत निरंकारी मण्डल वाराणसी जोन के जोनल इंचार्ज आदरणीय सिध्दार्थ शंकर सिंह जी के अनुसार, संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों में हजारों श्रद्धालु निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर मानव जीवन की रक्षा हेतु अपना अमूल्य योगदान अर्पित करेंगे। यह सेवा न केवल जरूरतमंदों के जीवन में नई आशा का संचार करती है, बल्कि दान करने वाले के हृदय में भी आत्मिक संतोष, शांति और कृतार्थता का दिव्य अनुभव उत्पन्न करती है।

उल्लेखनीय है कि संत निरंकारी मिशन रक्तदान के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रहा है जहां 4 दशकों से रक्तदान का सफल आयोजन किया जा रहा है। मिशन का स्वयं का ब्लड बैंक मुंबई में निरंतर परोपकार और सेवा-भाव के साथ अपनी अमूल्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। विगत् वर्षों में आयोजित हजारों रक्तदान शिविरों के माध्यम से अनगिनत जीवनों को नया संबल और जीवनदान प्राप्त हुआ है।

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