जो भक्त भगवान पर आश्रित रहते हैं। भगवान उनका कल्याण करते हैं

वाराणसी।श्री कृष्ण उत्सव सेवा समिति के तत्वावधान में रामकटोरा स्थित कसेरा धर्मशाला चिंतामणी बाग में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में जगतगुरु पातालपुरी महन्त परम पूज्य श्री बालक देवाचार्य जी ने कथा के तीसरे दिन नारद नाम के रहस्य का खुलासा करते हुए बताया कि “ना “का अर्थ नारायण ,”र “का अर्थ रहस्य ,और “द”का अर्थ दर्शन।

नारद द्वारा कही गई बात कभी ना रद्द या व्यर्थ हो , हर बात सत्य हो।

कथा में अर्जुन कि पुत्रवधू उत्तरा के गर्भ का भगवान श्री कृष्ण द्वारा रक्षा करना ,पांडव पर आई हर विपत्ति से हमेशा रक्षा करते हुए उनके वंश की रक्षा हेतु मुनि पुत्र द्वारा सात दिन के अंदर तक्षक नाग द्वारा काटने पर मृत्यु होने की बात पता चलते ही भगवान श्री कृष्ण ने सुकदेव जी महाराज के द्वारा श्रीमद् भागवत कथा सुनाने का आग्रह करते हुए गंगा तट पर जन कल्याण के लिये और अपने जीवन की मुक्ति प्रदान करने वाली महा पुराण श्रीमदभागवत् कथा होने की बात सुनाई।

अर्थात जो भगवान पर पूर्ण रूप से आश्रित होकर उनका भरोसा करता है ,भगवान हमेशा उनका कल्याण करते है।

व्यास जी ने कथा में ध्रूव चरित्र उनके भक्ति का वर्णन ,माँ अनसुइया ,जड़ भरत की कथा ,अजामिल चरित्र ,मरूदगण जन्म सुनते हुए भक्त प्रहलाद की प्रभु प्रेम के अनोखे रूप का दर्शन कराया। कथा बहुत ही संगीतमय भजनों सुन्दर एवं मनमोहक व ढंग से प्रस्तुति कर भक्ति की गंगा प्रवाहित किये।

कथा के अन्त मे मुख्य यजमान महामन्त्री श्री विनोद कसेरा धश

धर्मपत्नी श्रीमती राजकुमारी एवं कोषाध्यक्ष भईया लाल धर्मपत्नी श्रीमती रामकुमारी देवी, काशीपुरा रामलीला के पदाधिकारीगण और अध्यक्ष अशोक कसेरा,श्री हैहय वंशी क्षत्रिय कसेरा महिला कला केंद्र के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आरती किया,

आयोजन में केदार नाथ, झल्लु अनिल कसेरा , बुद्धू लाल कसेरा, सोनू कसेरा, विजय भानु कसेरा, भरत कसेरा ने भी नि: स्वार्थ अपनी किसी ना किसी रूप में सेवा प्रदान किया।

घनश्याम कसेरा अपने सहयोगी संग उपस्थित जनों को प्रसाद वितरित किया ।

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