
वाराणसी। वरिष्ठ कवि, ग़ज़लकार एवं कुशल मंच संचालक सिद्धनाथ शर्मा ‘सिद्ध’ का निधन हो गया। वह पिछले कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। किडनी एवं लिवर में संक्रमण के कारण उन्हें लगभग 15 दिनों से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मंगलवार को देर रात लगभग तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। सिद्धनाथ शर्मा ‘सिद्ध’ अपनी सशक्त रचनाओं, प्रभावशाली मंच संचालन और सरल-सहज व्यक्तित्व के लिए साहित्य जगत में विशेष पहचान रखते थे। वह अनेक साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़े रहे। उनके निधन को साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। अपने पीछे वह धर्मपत्नी, एक पुत्र, पुत्रवधू तथा तीन पोते-पोतियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर संपन्न हुआ, जहां उनके पुत्र विशाल शर्मा ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में परिजनों के साथ शहर के अनेक कवि, साहित्यकार और शुभचिंतक उपस्थित रहे। सिद्धनाथ शर्मा ‘सिद्ध’ के निधन से काशी सहित पूरे साहित्य समाज में शोक की लहर है। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ रामसुधार सिंह, पुस्तकालय अध्यक्ष कंचन सिंह परिहार,संतोष श्रीवास्तव प्रीत,डा.महेन्द्र प्रताप सिंह समेत अन्य साहित्यकारों ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।











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