दरियापुर, लिलहट, अहियापुर, कुतुबपुर और डोकरी गांवों में सुलभ शौचालय की मांग

रिपोर्ट अशरफ 

 

प्रयागराज।दरियापुर, लिलहट, अहियापुर, कुतुबपुर और डोकरी गांवों में खुले में शौच की समस्या अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है। ग्रामीणों के अनुसार कई घरों में शौचालय बने होने के बावजूद कुछ लोग आज भी सुबह खुले स्थानों और सड़क किनारे शौच के लिए जाते हैं। इससे गांवों में स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ सुबह के समय राहगीरों और टहलने वाले लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

 

सुबह के समय बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य की दृष्टि से टहलने और मॉर्निंग वॉक के लिए घरों से निकलते हैं। इसी दौरान सड़क के किनारे और रास्तों के आसपास खुले में शौच करने वालों के कारण उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि गांव की मुख्य सड़कों और आने-जाने वाले रास्तों के आसपास इस तरह की स्थिति रहने से वातावरण भी प्रभावित होता है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि घर में शौचालय होने के बावजूद उसका इस्तेमाल न करना केवल एक परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे गांव के वातावरण और सार्वजनिक स्थानों पर पड़ता है। खुले में शौच के कारण रास्तों के आसपास गंदगी फैलने की शिकायत भी सामने आती रहती है। इससे ग्रामीणों के साथ-साथ बाहर से आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी होती है।

 

ग्रामीणों ने कहा कि जिन लोगों के घरों में किसी कारण से शौचालय का उपयोग संभव नहीं है, उनके लिए गांव में सार्वजनिक सुलभ शौचालय की व्यवस्था होना जरूरी है। सार्वजनिक शौचालय में पानी, सफाई और नियमित रखरखाव की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोग खुले में शौच के बजाय उसका इस्तेमाल कर सकें।

ग्रामीणों के अनुसार महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और राहगीरों के लिए सार्वजनिक शौचालय की सुविधा विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है। यदि गांव के उचित स्थान पर शौचालय बनाया जाए और उसकी नियमित सफाई हो, तो लोगों को काफी राहत मिल सकती है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि केवल शौचालयों का निर्माण करा देना पर्याप्त नहीं है। लोगों को उनका नियमित इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करना भी जरूरी है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर खुले में शौच रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी और जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।

 

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि दरियापुर, लिलहट, अहियापुर, कुतुबपुर और डोकरी गांवों में सार्वजनिक सुलभ शौचालय की व्यवस्था कराई जाए, उसकी साफ-सफाई और पानी की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा लोगों को घर में बने शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया जाए।

 

ग्रामीणों का कहना है कि गांव को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी प्रशासन के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की भी है। घर में शौचालय उपलब्ध होने के बावजूद खुले में शौच की आदत को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। इससे गांव का वातावरण स्वच्छ रहेगा और सुबह टहलने वाले लोगों तथा राहगीरों को होने वाली परेशानी भी कम होगी।

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