
वाराणसी। जिला प्रशासन की प्रेरणा से प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र लमही की ओर से रविवार को आयोजित ‘सुनों मैं प्रेमचंद’ कार्यक्रम के 1973वें दिवस पर वरिष्ठ कवि सुरेन्द्र वाजपेयी ने प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘तगादा’ का पाठ किया। संरक्षक प्रो. श्रद्धानंद, गौतम अरोणा और निदेशक राजीव गोंड ने उनका सम्मान किया। कहानी की समीक्षा करते हुए प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि ‘तगादा’ प्रेमचंद की श्रेष्ठ यथार्थवादी कहानियों में शामिल है, जिसमें सामाजिक आलोचना और मानवीय करुणा का प्रभावी समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विषमता, ऋण और मानवीय संबंधों से जुड़े प्रश्न आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं तथा प्रेमचंद की रचनाएं संवेदना और नैतिकता का संदेश देती हैं। शुभारंभ प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि से हुई। इसमें साहित्यप्रेमियों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। संचालन आयुषी दूबे, स्वागत रोहित गुप्ता तथा धन्यवाद ज्ञापन राजेश श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान राजवीर सिंह, नमन श्रीवास्तव, अतुल यादव, राहुल यादव, रोहित गुप्ता, समीक्षा त्रिपाठी, डॉ. मनोहर लाल और मनोज श्रीवास्तव समेत अन्य मौजूद रहे।












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