
वाराणसी वैदिक ज्ञान, वेद साधना, स्वाध्याय और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए काशी के प्रख्यात वैदिक विद्वान आचार्य वेंकटरमण घनपाठी को बहुप्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान ‘Mastermind Shiromani Award – Vaidik Heritage 2026’ से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित भव्य अंतरराष्ट्रीय समारोह में देश-विदेश के विशिष्ट उद्योगपतियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनेताओं, विद्वानों एवं विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों की गरिमामय उपस्थिति में आचार्य वेंकटरमण घनपाठी को यह सम्मान प्रदान किया गया।
आचार्य वेंकटरमण घनपाठी जी ने अपनी विलक्षण प्रतिभा, कठोर साधना, निरंतर स्वाध्याय और वेदों के प्रति पूर्ण समर्पण के माध्यम से वैदिक ज्ञान परंपरा को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका जीवन वेदाध्ययन, वैदिक संस्कारों और सनातन संस्कृति की सेवा के लिए समर्पित रहा है। उन्हें प्राप्त यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान उनके व्यक्तिगत योगदान के साथ-साथ देश और दुनिया में वेद साधना एवं वैदिक विद्वता से जुड़े समस्त आचार्यों और विद्वानों का भी सम्मान है।
आचार्य वेंकटरमण घनपाठी जी को मिले इस गौरवपूर्ण सम्मान से काशीवासियों में हर्ष और गौरव का वातावरण है। काशीवासियों ने कहा कि काशी की पवित्र धरती सदियों से वेद, उपनिषद, शास्त्र और सनातन ज्ञान परंपरा की केंद्रभूमि रही है। ऐसे में काशी के वैदिक विद्वान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना समस्त काशी के लिए गौरव की बात है। उनके सम्मान से काशी की आध्यात्मिक और वैदिक परंपरा का गौरव वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठित हुआ है।
काशीवासियों ने आचार्य वेंकटरमण घनपाठी जी को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाबा विश्वनाथ और मां अन्नपूर्णा की कृपा सदैव उन पर बनी रहे। वे अपनी उत्कृष्ट साधना, ज्ञान और वैदिक परंपरा के प्रति समर्पण के माध्यम से सनातन संस्कृति, वैदिक धर्म और भारतीय ज्ञान परंपरा का मान-सम्मान इसी प्रकार बढ़ाते रहें। उनके इस सम्मान से आने वाली पीढ़ियों को भी वेदाध्ययन, संस्कार और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रेरणा मिलेगी।












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