
इच्छुक प्रशिक्षित प्लंबर फील्ड टीम से जुड़कर करेंगे सहयोग
वाराणसी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मार्गदर्शन तथा श्रम मंत्रालय के सहयोग से गेल (इंडिया) लिमिटेड, वाराणसी सीजीडी परियोजना द्वारा आईटीआई करौंदी में विशेष प्लंबर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वाराणसी में घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (DPNG) कनेक्शनों के कार्य को और अधिक गति देने के उद्देश्य से यह पहल की गई।
शहर में प्रशिक्षित प्लंबरों की उपलब्धता सीमित होने के कारण श्रम मंत्रालय तथा विभिन्न रोजगार एवं कॉल सेंटरों के सहयोग से प्लंबरों को आमंत्रित कर इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को DPNG कनेक्शन से जुड़े सभी आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई। आज आयोजित प्रशिक्षण में लगभग 20 प्लंबरों ने भाग लिया। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले एवं इच्छुक प्लंबर अब गेल की फील्ड टीम के साथ जुड़कर वाराणसी में DPNG कनेक्शन कार्य को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
इसी क्रम में गेल (इंडिया) लिमिटेड ने वाराणसी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) परियोजना के अंतर्गत स्वच्छ, सुरक्षित एवं किफायती ऊर्जा के प्रसार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए नारायण कॉटिन, वाराणसी को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क से सफलतापूर्वक जोड़ दिया है। इसके साथ ही संस्थान की रसोई व्यवस्था अब गेल के PNG नेटवर्क से जुड़ गई है तथा उसे निरंतर, सुरक्षित एवं निर्बाध प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्राप्त होने लगी है।
इस परियोजना का सफल क्रियान्वयन गेल की प्रोजेक्ट्स टीम द्वारा किया गया, जिसका नेतृत्व श्री नवाज़िश अली अंसारी, उप महाप्रबंधक (डीजीएम–प्रोजेक्ट्स) कर रहे हैं। वहीं, वाराणसी सीजीडी परियोजना का समग्र संचालन श्री सुशील कुमार, महाप्रबंधक (जीएम) के कुशल मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
नारायण कॉटिन की रसोई संबंधी ऊर्जा आवश्यकताएं काफी अधिक हैं। पूर्व में यहां मुख्य रूप से एलपीजी का उपयोग किया जाता था तथा प्रतिमाह लगभग 30 एलपीजी सिलेंडरों की खपत होती थी। PNG आपूर्ति शुरू होने के बाद अब संस्थान को चौबीसों घंटे निरंतर, सुरक्षित एवं निर्बाध प्राकृतिक गैस उपलब्ध होगी, जिससे रसोई संचालन अधिक सुव्यवस्थित, दक्ष एवं विश्वसनीय बन सकेगा।
एलपीजी के स्थान पर PNG अपनाए जाने से प्रतिमाह लगभग 30 सिलेंडरों की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। इससे इन सिलेंडरों को अन्य क्षेत्रों एवं उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे अधिक लोगों को एलपीजी सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही, PNG के उपयोग से सिलेंडरों के भंडारण, परिवहन, रीफिलिंग एवं नियमित प्रतिस्थापन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों से भी मुक्ति मिलेगी।
PNG एक सुरक्षित, सुविधाजनक एवं पर्यावरण-अनुकूल ईंधन है, जो कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने तथा स्वच्छ एवं सतत पर्यावरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नारायण कॉटिन को PNG नेटवर्क से जोड़ना तथा DPNG कार्यों को गति देने के लिए प्लंबर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन, दोनों ही वाराणसी में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के विस्तार की दिशा में गेल (इंडिया) लिमिटेड की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। यह पहल अन्य संस्थानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों एवं घरेलू उपभोक्ताओं को भी आधुनिक, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।












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