कुलपति ने ऐतिहासिक मुख्य भवन एवं शताब्दी भवन अतिथि गृह की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

 

वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में आगामी 44 वें दीक्षान्त समारोह की तैयारियाँ युद्धस्तर पर जारी हैं। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने सोमवार को सुबह विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन का विस्तृत एवं बिंदुवार निरीक्षण कर समारोह से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय का 44 वाँ दीक्षान्त समारोह दिनांक 29 जुलाई, 2026 को प्रातः 9:00 बजे विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन में आयोजित होगा।

समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी।

समारोह के मुख्य अतिथि देश के प्रख्यात वैज्ञानिक एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर के प्रो. आशुतोष शर्मा होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय तथा उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

निरीक्षण के दौरान कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने पण्डाल निर्माण, मुख्य मंच, बैठक व्यवस्था, विद्युत एवं ध्वनि प्रणाली, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग, अतिथि सत्कार, मीडिया व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं समन्वय के साथ पूर्ण किए जाएँ, जिससे समारोह विश्वविद्यालय की गरिमा एवं परम्परा के अनुरूप भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक रूप से संपन्न हो।

कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन समारोह की प्रत्येक तैयारी पर निरंतर निगरानी रखे हुए है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग से यह दीक्षान्त समारोह विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास में एक नई उपलब्धि के रूप में स्थापित होगा।

उन्होंने बताया कि दीक्षान्त समारोह में विश्वविद्यालय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान किया जाएगा, जबकि विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को कुलाधिपति के कर-कमलों से स्वर्ण पदक एवं अन्य पदकों से सम्मानित किया जाएगा। यह समारोह विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण क्षण होगा।

 

गौरतलब है कि दीक्षान्त समारोह के पूर्व विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दीक्षोत्सव के अंतर्गत विविध शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका है। विश्वविद्यालय प्रशासन 44 वें दीक्षान्त समारोह को भारतीय ज्ञान परम्परा, संस्कृत की समृद्ध विरासत तथा उच्च शिक्षा की उत्कृष्ट परम्पराओं के अनुरूप एक गरिमामय, अनुकरणीय एवं अविस्मरणीय आयोजन के रूप में संपन्न कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

उस दौरान कुलानुशासक प्रो जितेन्द्र कुमार, प्रो विधु द्विवेदी,प्रो दिनेश कुमार गर्ग,,प्रो विद्या कुमारी चंद्रा, अभियंता रामविजय सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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