
वाराणसी/नई दिल्ली। साईं इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, वाराणसी के निदेशक अजय कुमार सिंह ने सोमवार को भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान-प्रौद्योगिकी तंत्र से जुड़े वरिष्ठ वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों से शिष्टाचार भेंट कर ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास तथा तकनीक आधारित आजीविका संवर्धन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। बैठक में पूर्व महानिदेशक एसटीपीआई एवं पूर्व साइंटिस्ट ‘जी’ अरविंद कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. तारा शंकर, आईटी मंत्रालय के सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक नवीन कुमार, डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के प्रिंसिपल रिसर्च साइंटिस्ट सत्यवीर सिंह तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के सहायक निदेशक डॉ. ऋषु गौतम मौजूद रहे। विचार-विमर्श के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग, डिजिटल सशक्तिकरण, महिला उद्यमिता, कौशल विकास, नवाचार आधारित आजीविका, उत्पाद पैकेजिंग, मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क और संस्थागत सहयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। अजय कुमार सिंह ने कहा कि विज्ञान और सूचना प्रौद्योगिकी को ग्रामीण महिलाओं, किसानों और युवाओं की आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर और समावेशी विकास का मॉडल तैयार किया जा सकता है। वहीं विशेषज्ञों ने सरकार, वैज्ञानिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि तकनीकी नवाचारों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।












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