
वाराणसी। यूपी कॉलेज रक्षा अध्ययन विभागाध्यक्ष डॉ. अग्नि प्रकाश शर्मा ने रक्षा अध्ययन (सैन्य विज्ञान) के विद्यार्थियों को भारतीय सेना की अधिकारी भर्ती, अर्धसैनिक बलों तथा पुलिस भर्ती प्रक्रियाओं में विशेष वेटेज दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े इस विषय के विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक विशेषज्ञता का लाभ चयन प्रक्रिया में मिलना चाहिए। डॉ. शर्मा ने हाल ही में सामने आए उस प्रस्ताव का उल्लेख किया, जिसमें भारतीय सेना की अधिकारी भर्ती प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जेईई, नीट एवं क्लैट-पीजी जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के आधार पर योग्य अभ्यर्थियों को सीधे सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) साक्षात्कार के लिए आमंत्रित करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि विषय-विशिष्ट परीक्षाओं के आधार पर ऐसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है, तो रक्षा अध्ययन जैसे सैन्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषय के विद्यार्थियों को भी अधिकारी भर्ती में एसएसबी के लिए विशेष वेटेज अथवा पात्रता प्रदान की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि रक्षा अध्ययन केवल एक अकादमिक विषय नहीं है, बल्कि इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य इतिहास, युद्धकला, सामरिक चिंतन, भू-राजनीति, रक्षा प्रबंधन, आतंकवाद, आंतरिक सुरक्षा, साइबर एवं हाइब्रिड युद्ध जैसी समकालीन चुनौतियों का व्यापक अध्ययन कराया जाता है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को सैन्य मनोविज्ञान, नेतृत्व क्षमता, संकट प्रबंधन, सैनिकों के मनोबल, रणनीतिक निर्णय, समूह-गतिशीलता तथा आधुनिक युद्ध प्रणाली की गहन जानकारी भी दी जाती है। डॉ. शर्मा का कहना है कि यदि रक्षा अध्ययन के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस भर्ती प्रक्रियाओं में उपयुक्त वेटेज अथवा अतिरिक्त अंक दिए जाएं, तो सुरक्षा बलों को ऐसे अभ्यर्थी मिलेंगे, जिनके पास सैन्य सिद्धांत, रणनीतिक सोच और राष्ट्रीय सुरक्षा का मजबूत शैक्षणिक आधार पहले से उपलब्ध होगा। इससे प्रशिक्षण अधिक प्रभावी होगा और भविष्य में सक्षम नेतृत्व विकसित करने में भी सहायता मिलेगी।












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