
वाराणसी। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र लमही की ओर से रविवार को आयोजित ‘सुनो, मैं प्रेमचंद’ कार्यक्रम में साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद को उनकी रचनाओं के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘निर्वासन’ का प्रभावशाली पाठ कवि जी.एल. पटेल ने किया। कहानी पाठ के उपरांत ट्रस्ट के निदेशक राजीव गोंड, सुनील कुमार सेठ और राजेश श्रीवास्तव ने उन्हें सम्मानित किया। कहानी की समीक्षा करते हुए राजीव गोंड ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य भारतीय समाज के यथार्थ का सशक्त दस्तावेज़ है। उनकी कहानी ‘निर्वासन’ सामाजिक विषमताओं, अन्याय और मानवीय संवेदनाओं को प्रभावी ढंग से सामने लाती है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद की रचनाएं आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम की शुरुआत प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसमें साहित्यप्रेमियों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर राजेश श्रीवास्तव, सुनील कुमार सेठ, नमन श्रीवास्तव, अतुल यादव, राहुल यादव, रोहित गुप्ता, समीक्षा त्रिपाठी, डॉ. मनोहर लाल और मनोज श्रीवास्तव सहित अनेक लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन राजेश श्रीवास्तव ने, स्वागत राहुल यादव तथा धन्यवाद ज्ञापन रोहित गुप्ता ने किया।











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