
वाराणसी। आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय तथा बाल विद्यालय माध्यमिक स्कूल, डोमरी ( पड़ाव ), रामनगर, वाराणसी में बुधवार को श्री गुरु पूर्णिमा उत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं गुरु पूजन के साथ हुआ।
उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अपने गुरुओं के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों का मार्गदर्शन कर समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों को अपने गुरुजनों का सदैव सम्मान करते हुए उनके आदर्शों का अनुसरण करने का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम में संगीत शिक्षकों तथा विद्यार्थियों द्वारा गुरु वंदना, भजन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनकी सभी ने सराहना की। पूरे परिसर में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण बना रहा।
अंत में महाविद्यालय एवं विद्यालय परिवार ने सभी गुरुजनों का सम्मान करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं राष्ट्र निर्माण में सतत योगदान की कामना की।












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