
वाराणसी।गेल (इंडिया) लिमिटेड ने वाराणसी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) परियोजना के अंतर्गत स्वच्छ, सुरक्षित एवं किफायती ऊर्जा के प्रसार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए शिवपुर क्षेत्र स्थित अयोध्या धाम एंड सन्स को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क से सफलतापूर्वक जोड़ दिया है। इसके साथ ही प्रतिष्ठान की रसोई एवं ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं के लिए अब गेल के PNG नेटवर्क से निर्बाध, सुरक्षित एवं 24×7 प्राकृतिक गैस की आपूर्ति शुरू हो गई है। यह पहल वाराणसी के प्रमुख वाणिज्यिक एवं संस्थागत प्रतिष्ठानों को आधुनिक, हरित तथा विश्वसनीय ऊर्जा प्रणाली से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस परियोजना का सफल क्रियान्वयन गेल की प्रोजेक्ट्स टीम द्वारा किया गया, जिसका नेतृत्व श्री नवाज़िश अली अंसारी, उप महाप्रबंधक (डीजीएम–प्रोजेक्ट्स) कर रहे हैं। वहीं, वाराणसी सीजीडी परियोजना का समग्र संचालन श्री सुशील कुमार, महाप्रबंधक (जीएम) के कुशल मार्गदर्शन में प्रभावी रूप से किया जा रहा है।
शिवपुर स्थित अयोध्या धाम एंड सन्स क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान है, जहां विभिन्न गतिविधियों एवं सेवाओं के संचालन के लिए नियमित ऊर्जा आपूर्ति की आवश्यकता रहती है। पूर्व में यहां ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मुख्य रूप से एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग किया जाता था, जिसकी खपत लगभग 30 एलपीजी सिलेंडर प्रतिमाह थी। PNG आपूर्ति प्रारंभ होने के बाद अब प्रतिष्ठान को चौबीसों घंटे निरंतर, सुरक्षित एवं निर्बाध प्राकृतिक गैस उपलब्ध होगी, जिससे संचालन अधिक सुव्यवस्थित, दक्ष एवं विश्वसनीय बन सकेगा।
एलपीजी के स्थान पर PNG अपनाने से प्रतिमाह उपयोग होने वाले लगभग 30 एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। इसके परिणामस्वरूप ये सिलेंडर अन्य क्षेत्रों एवं उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उपलब्ध कराए जा सकेंगे। साथ ही, PNG के उपयोग से ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित होगी, भंडारण एवं सिलेंडर प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियां कम होंगी तथा पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
गेल (इंडिया) लिमिटेड वाराणसी सहित अपने परिचालन क्षेत्रों में अधिकाधिक वाणिज्यिक, औद्योगिक एवं घरेलू उपभोक्ताओं को PNG एवं CNG जैसी स्वच्छ ऊर्जा सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कंपनी का उद्देश्य सुरक्षित, विश्वसनीय एवं पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा उपलब्ध कराकर सतत विकास एवं हरित भविष्य के निर्माण में सक्रिय योगदान देना है।










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