
वाराणसी। यूपी कॉलेज परिसर स्थित राजर्षि स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (आरएसएमटी) में शनिवार को बीबीए एवं बीसीए के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए छात्र अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित किया गया। शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन तथा मां सरस्वती एवं संस्थापक राजर्षि उदय प्रताप सिंह जूदेव के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ।
संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) अमन गुप्ता ने स्वागत संबोधन में कहा कि आज का विद्यार्थी केवल डिग्री हासिल करने वाला छात्र नहीं, बल्कि भविष्य का जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र निर्माण का सहभागी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, निरंतर अध्ययन और व्यक्तित्व विकास को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि कमांडर वी.के. जेटली ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अनुशासन, उत्कृष्टता, बड़े लक्ष्य और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना ही युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, प्रतिदिन स्वयं को बेहतर बनाने और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य आज कक्षा-कक्षों में बैठी युवा पीढ़ी के हाथों में है।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अंकुर चड्ढा ने कहा कि वर्तमान समय में सूचना की कमी नहीं, बल्कि सही सूचना की पहचान सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आलोचनात्मक सोच विकसित करने, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और प्रभावी संवाद कौशल विकसित करने का आग्रह किया।
प्रख्यात साहित्यकार डॉ. नीरजा माधव ने भारतीय संस्कृति, भाषा की शुद्धता और नैतिक मूल्यों को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ संस्कारों का समन्वय ही युवाओं को सफल बनाएगा। वहीं पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेंद्र मेहता ने संवाद कौशल, टीम भावना, जनसंपर्क और मानवीय व्यवहार को सफल करियर की आधारशिला बताया।
प्रो. मनोज कुमार सिंह ने राजर्षि उदय प्रताप सिंह जूदेव के शिक्षा दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली, प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति तथा अनुशासन संबंधी नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।












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