
काशी कोहिनूर रत्न सम्मान से सम्मानित हुए विभूति
वाराणसी। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपज) की वाराणसी इकाई का स्थापना दिवस समारोह शनिवार को शिवपुर स्थित मारवाड़ी धर्मशाला में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया।
समारोह में पत्रकारिता, साहित्य, चिकित्सा, विधि एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को “काशी कोहिनूर रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका, सामाजिक मूल्यों के संरक्षण और सकारात्मक जनचेतना पर गंभीर विमर्श हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति डॉ. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को सही दिशा देने वाले रोल मॉडल तैयार करने की सबसे अधिक आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकार केवल समाचारों का संप्रेषण ही नहीं करता, बल्कि समाज की सोच और दिशा भी निर्धारित करता है। उपज वाराणसी इकाई द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को “काशी कोहिनूर रत्न सम्मान” प्रदान किया जाना एक सराहनीय और प्रेरणादायी पहल है, जिससे समाज में सकारात्मक सोच को बल मिलेगा तथा नई पीढ़ी को बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
विशिष्ट अतिथि एवं पत्रकारिता विभागाध्यक्ष प्रो. नागेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आज के दौर में युवाओं के एक वर्ग में नकारात्मक मानसिकता और वैमनस्यपूर्ण सोच का प्रसार चिंता का विषय है। उन्होंने हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां जिस प्रकार की घृणित एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया, उससे प्रतीत होता है कि जेन-जी (Gen Z) का एक वर्ग भटकाव की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रवृत्तियां सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के लिए घातक हैं। पत्रकारों की लेखनी में समाज को जोड़ने, स्वस्थ संवाद स्थापित करने और सकारात्मक वातावरण बनाने की अपार शक्ति है, इसलिए मीडिया को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का पूरी संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करना चाहिए।
समारोह में काशी के वरिष्ठ अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राम सुधार सिंह, डॉ. राम प्रसाद सिंह, समाजसेवी प्रेम कपूर, डॉ. शिप्रा धर तथा समाजसेवी अमन कबीर को उनके विशिष्ट योगदान के लिए “काशी कोहिनूर रत्न सम्मान” प्रदान किया गया। सम्मानित अतिथियों ने इस सम्मान को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक निष्ठा से निभाने की प्रेरणा बताया।
इस अवसर पर पत्रकारिता एवं समाज सेवा के क्षेत्र की दिवंगत विभूतियों स्व. बाबूराव विष्णुराव पराड़कर, स्व. डॉ. भगवान दास अरोड़ा, स्व. ईश्वर चंद्र सिन्हा, स्व. ईश्वर देव मिश्र, स्व. दीनानाथ गुप्त, उपज के संस्थापक सदस्य स्व. दादा पी.के. राय तथा स्व. राधेश्याम लाल कर्ण की पुण्य स्मृति में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के कर-कमलों द्वारा पौधरोपण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महापुरुषों के आदर्शों को जीवंत बनाए रखने का संदेश देती है।
उपज के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वाराणसी इकाई के अध्यक्ष विनोद कुमार बागी ने कहा कि पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, लेकिन आज भी उन्हें संवैधानिक सुरक्षा का अधिकार प्राप्त नहीं है। संगठन पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित कराने के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा।
उपज के प्रदेश महामंत्री आनंद कर्ण ने कहा कि पत्रकारों को न्याय और सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में संगठन का विस्तार किया जा रहा है, ताकि किसी भी पत्रकार को आवश्यकता पड़ने पर संगठनात्मक सहयोग और सुरक्षा मिल सके।
समारोह के दौरान संगठन के विस्तार को भी नई मजबूती मिली। इस अवसर पर अन्य नए सदस्यों के साथ इंडिया न्यूज़ बुलेटिन 24X7 के प्रबंध निदेशक देवेंद्र श्रीवास्तव एवं निदेशक मनीष श्रीवास्तव ने भी उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपज) की सदस्यता ग्रहण की। संगठन के पदाधिकारियों ने दोनों का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके जुड़ने से संगठन की गतिविधियों, पत्रकार हितों के संरक्षण तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में नई ऊर्जा मिलेगी।
कार्यक्रम में डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया, जबकि संचालन महामंत्री मोनेश श्रीवास्तव ने किया। अंत में प्रकाश अनिल जायसवाल ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह में उपज के पदाधिकारी, सदस्य, वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार, समाजसेवी तथा काशी के अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।












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