
विश्वविद्यालय में ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ अभियान के अंतर्गत सामूहिक शपथ
वाराणसी। उत्तर प्रदेश शासन एवं राजभवन के निर्देशानुसार संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ अभियान के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के मार्गदर्शन एवं कुलसचिव राकेश कुमार के निर्देशन में विश्वविद्यालय मुख्य परिसर सहित सभी संबद्ध महाविद्यालयों में एक साथ नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ टीवी पर प्रातः 10:00 बजे भारत के प्रधानमंत्री के नशामुक्ति विषयक प्रेरक संबोधन के सामूहिक श्रवण से हुआ। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित एवं संस्कारित जीवन अपनाने का आह्वान किया तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाशक्ति की निर्णायक भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं।
प्रधानमंत्री के संबोधन के उपरांत कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलसचिव राकेश कुमार, विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी, विद्यार्थी, राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन.सी.सी.) के स्वयंसेवकों सहित समस्त विश्वविद्यालय परिवार ने नशामुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक शपथ ग्रहण कर इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।
अभियान के विश्वविद्यालय संयोजक प्रो. शैलेश कुमार मिश्र तथा सह-संयोजक डॉ. रविशंकर पाण्डेय के समन्वय में कार्यक्रम का सफल संचालन हुआ। इस अवसर पर डॉ. दुर्गेश पाठक सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और अभियान को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।
विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के सभी छात्रों ने माई ऐप डाउनलोड कर नशा मुक्ति हेतु अपना पंजीकरण करें इसमें अध्यापक को एवं कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़कर के भाग लिया जिसमें इस अभियान के अंतर्गत प्रतिभागियों ने “माई भारत एप”पर अपना पंजीकरण कर डिजिटल प्रतिज्ञा ली तथा ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ अभियान से जुड़ते हुए प्रमाण-पत्र प्राप्त किए। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को नशे के दुष्परिणामों, उसके सामाजिक, पारिवारिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नशामुक्त जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि “युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ऊर्जा है। नशामुक्त, स्वस्थ, संस्कारित एवं चरित्रवान युवा ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत के सशक्त आधार बन सकते हैं। प्रत्येक विद्यार्थी स्वयं नशे से दूर रहे तथा समाज में भी नशामुक्ति का संदेश पहुँचाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।”
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय परिवार ने सामूहिक रूप से यह संकल्प दोहराया कि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय केवल ज्ञान, संस्कृति एवं भारतीय ज्ञान परम्परा का संवाहक ही नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्वों के निर्वहन में भी सदैव अग्रणी रहेगा। विश्वविद्यालय भविष्य में भी ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ अभियान के माध्यम से युवाओं एवं समाज में जागरूकता का व्यापक प्रसार कर स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।












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