समाजवाद की चलती-फिरती पाठशाला थे जनेश्वर मिश्र

 

वाराणसी। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य एवं समाजवादी आंदोलन के प्रमुख स्तंभ रहे स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र की 94वीं जयंती बुधवार को जिला समाजवादी पार्टी कार्यालय, अर्दली बाजार में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने उनके सादगीपूर्ण जीवन, समाजवादी सोच और जनसेवा के प्रति समर्पण को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। अध्यक्षता करते हुए जिला प्रवक्ता संतोष यादव ‘बबलू’ एडवोकेट ने कहा कि जनेश्वर मिश्र समाजवाद की चलती-फिरती पाठशाला थे। उन्होंने समाजवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के साथ काफी संख्या में युवाओं को सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष से जोड़ा। उन्होंने कहा कि सात बार केंद्रीय मंत्री रहने के बावजूद जनेश्वर मिश्र ने कभी पद और सत्ता का दुरुपयोग नहीं किया। उनके पास न निजी गाड़ी थी और न ही बंगला। उनका पूरा जीवन गरीबों, शोषितों और वंचितों के अधिकारों की लड़ाई में समर्पित रहा। इसी सादगी और संघर्षशील व्यक्तित्व के कारण उन्हें ‘छोटे लोहिया’ के नाम से सम्मान मिला। कार्यक्रम का संचालन कमलाकांत प्रजापति ने किया। इस दौरान रामसिंह यादव, पूजा यादव, भीष्म नारायण सिंह, अखिलेश यादव, दीपचंद गुप्ता, सतेन्द्र यादव, सुनील कुमार एडवोकेट, रामकुमार यादव, मंजू कन्नौजिया, मनोज यादव, कुलदीप गौतम, करीमुल्ला अंसारी, सुभाष यादव, राजेंद्र प्रसाद, धर्मवीर पटेल, विनोद सिंह, पंचदेव प्रधान, शिवशंकर, शशिकांत, दिनेश चौधरी और विनोद शुक्ला समेत अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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