युवा को मंदिरा, व्याभिचार, चुगली ऐसे दोषों से दूर रहना चाहिए – श्री अभिराम दास जी महाराज

श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन 

 

वाराणसी। राजघाट ,भदऊ चुंगी स्थित श्री साईं धाम अपार्टमेंट वेंसमेंट में श्री काशी विश्वनाथ भगवान के तत्वावधान में आयोजित 6 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक श्रीमद्भागवत कथा रस महोत्सव आयोजित है।

श्रीमद्भागवत कथा के शुक्रवार मुख्य यजमान प्रदीप मिश्रा ने पोथी की विधिवत पूजा अर्चना एवं कथावाचक की माल्यार्पण कर स्वागत किया।

उपस्थित भक्तों को वृंदावन धाम से पधारे श्री अभिराम दास जी महाराज ने श्रीमद्भागवत ग्रंथ के उपक्रम की महीमा को विस्तार से बताया।

उन्होंने भक्तों को बताया कि सूत जी से सनक ऋषि ने 6 प्रश्न किए,जो प्राणी मात्र के कल्याण के लिए है।

प्रसिद्ध कथावाचक श्री अभिराम दास जी महाराज ने भक्तों को नारद संवाद, स्तुति, महाभारत प्रसंग, राजा परीक्षित जन्म, कलियुग की महिमा का विस्तार से बताया।

उन्होंने भक्तों से कहा युवाओं को मंदिरा, व्याभिचार, चुगली जैसे दोषों से मुक्त रहना चाहिए। जो मनुष्य भगवान की शरण में रहेगा। उस पर कलयुग का प्रभाव नहीं रहेगा।

ज्ञातव्य हो कि श्रीमद्भागवत 12 अगस्त तक सांय काल 3 बजे से उपस्थित भक्तगण को महराज जी कथा श्रवण करायेंगे।

कथा के उपरांत प्रसाद का वितरण किया गया।

श्रीमद्भागवत कथा श्रवण में सर्वश्री मुकुंद लाल शर्मा, मयंक शर्मा, शुचि शर्मा, रीता मिश्रा,रुद्र शर्मा, विक्रांत मिश्रा, सचिन मिश्रा, पूजा मिश्रा,डाली मिश्रा सहित सैकड़ों भक्त गण शामिल रहे।

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