
रिपोर्ट अनुपम भट्टाचार्य
वाराणसी। गांधी जी एवं शास्त्री जी जयंती संग समाज संगठन ने स्थापना दिवस पर जंगमबाडी स्थित समाज संगठन कार्यालय में उत्सव मनाया गया। मुख्य अतिथि समाज संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी सुबोध चंद्र राय जी रहे।
समारोह वरिष्ठ महिला पदाधिकारी नीता सेनगुप्त जी के देखरेख में सम्पन्न हुआ। संचालन रीना पात्र ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाकर हुआ।उपस्थिति जनों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी को माल्यार्पण किया गया।। समाज संगठन के संस्थापक स्वर्गीय पार्थ जीत सेनगुप्त जी को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।
मुख्य अतिथि सुबोध चंद्र राय ने कहा कि आज ही दिन लगभग 40 साल पहले समाज संगठन स्थापना हुई। जो आज प्रदेश में संगठन के सदस्यगण बहुत ही उत्साह से कार्य कर रहे हैं। जिला प्रशासन के साथ ताल मेल रखकर काम किया जाता है। कोई भी त्यौहार पर समाज संगठन के सदस्यगण सक्रियता से सेवा देते हैं। दिन हो रात सेवा ही परम धर्म मानकर अपना ड्यूटी निभाते हैं। जैसे दुर्गा पूजा , सावन सोमवार, दीपावली, रथयात्रा मेला, छठ पूजा, रविदास जयंती आदि।
रीना पात्र जी ने कहा कि समाज संगठन के प्रतिष्ठाता स्वर्गीय पार्थ जीत सेनगुप्त जी ने यह संगठन सेवा के लिए ही बनाए थे। उनका उद्देश्य था किसी को कभी भी परेशानी हो हम उनकी परेशानी को दूर करेंगे। उन्होंने कई गरीब लड़कियों को शादी, कई बेसहारा बच्चों की पढ़ाई करवाते थे। अनगिनत हॉस्पिटल में मरीजों को सेवा करना उनका परम धर्म रहा।
कार्यक्रम के अध्यक्ष नीता सेनगुप्त जी ने कहा कि आज दो दो महापुरुष का जन्म शताब्दी मनाया जा रहा है। एक महापुरुष महात्मा गांधी जी का जन्म गुजरात के पोरबंदर में एवं दूसरे लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म रामनगर में हुआ। लाल बहादुर शास्त्री जी के बारे में जितना ही कहा जाए कम है। ईमानदार शिक्षित नेता के साथ साथ सबके दिल के राजा थे। रेल मंत्री कार्यकाल में एक बार रेल दुर्घटना होने पर शास्त्री जी ने रेल मंत्रालय से त्याग पत्र दे दिए थे। उनका कहना था जब हम चला नहीं पा रहे हैं तब मंत्री पद किस काम।
महात्मा गांधी जी अहिंसा के पथ पर चलने वाले थे। अहिंसा परमो धर्म उनका वचन था।
उक्त कार्यक्रम में संगीता शर्मा, नमिता दास, अशोक यादव, सुमिता आचार्य, राम बाबू विश्वकर्मा, किशन यादव, आलोक मुखर्जी, रिया बनर्जी सहित अनेकों सदस्यगण शामिल रहे।

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