
दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श बैठक सम्पन्न
वाराणसी। शनिवार को अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई), वाराणसी में आयोजित “रीइमैजिनिंग टीचर एजुकेशन फॉर विकसित भारत @2047” विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श बैठक का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में शिक्षक शिक्षा के भविष्य के लिए कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से चार महत्वपूर्ण तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में शिक्षक शिक्षा में डिजिटल शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भारतीय ज्ञान परम्परा, भारत-केंद्रित शिक्षण-अधिगम, विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा के मध्य समन्वय तथा आईयूसीटीई की भावी भूमिका जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। दिवस के अंतिम तकनीकी सत्र में परामर्श बैठक के दौरान प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं का समेकन करते हुए आईयूसीटीई के भावी रोडमैप पर व्यापक चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने शिक्षक शिक्षा को अधिक समकालीन, शोधोन्मुख, प्रौद्योगिकी-सक्षम, भारतीय ज्ञान परम्परा से समृद्ध तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने पर बल दिया। साथ ही शिक्षक शिक्षा में नवाचार, संकाय विकास, संस्थागत क्षमता निर्माण तथा साक्ष्य-आधारित शैक्षिक नीति अनुसंधान को सुदृढ़ बनाने हेतु अनेक महत्वपूर्ण अनुशंसाएँ प्रस्तुत की गईं।
समापन उद्बोधन में प्रो. प्रेम नारायण सिंह, निदेशक, आईयूसीटीई ने आयोजन की सफलता में योगदान देने वाले सभी विशेषज्ञों, विद्वानों, संकाय सदस्यों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से आईयूसीटीई द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए इस दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श बैठक से प्राप्त सुझावों के आधार पर केंद्र की भावी कार्ययोजना एवं रणनीतिक रोडमैप तैयार किया जाएगा। उन्होंने बल दिया कि केवल प्राथमिकताओं का निर्धारण ही नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ठोस रणनीति विकसित करना भी आवश्यक है तथा इस राष्ट्रीय मंथन से प्राप्त अनुशंसाएँ विकसित भारत @2047 के अनुरूप शिक्षक शिक्षा को नई दिशा प्रदान करेंगी।
इस कार्यक्रम में प्रो. ए. सी. पाण्डेय, प्रो. पी. नाग, प्रो. सी. बी. शर्मा, प्रो. अमित कौट्स, प्रो. के. पुष्पनाधम, प्रो. रजनीश जैन, प्रो. मधुलिका अग्रवाल, प्रो. आशीष श्रीवास्तव, प्रो. बिमल किशोर, प्रो. सुरेंद्र कुमार शर्मा, प्रो. पी. के. मिश्रा तथा प्रो. जे. एन. बलिया सहित अन्य विद्वानों ने अपने विचार एवं सुझाव साझा किए। डॉ. कुशाग्री सिंह, सहायक प्राध्यापक, आईयूसीटीई, वाराणसी ने दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श बैठक का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। तत्पश्चात डॉ. राजा पाठक, सहायक प्राध्यापक, आईयूसीटीई ने समापन सत्र का संचालन किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी मुख्य अतिथियों, विशेषज्ञों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। संस्थान के सभी शिक्षकों ने भी इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

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