भगवान माया के पर्दे को हटाते हैं- अभिराम दास जी महाराज

श्रीमद्भागवत कथा का पांचवां दिन

 

वाराणसी। राजघाट ,भदऊ चुंगी स्थित श्री साईं धाम अपार्टमेंट वेंसमेंट में श्री काशी विश्वनाथ भगवान के तत्वावधान में आयोजित 6 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक श्रीमद्भागवत कथा रस महोत्सव का सोमवार को पांचवां दिन रहा।

 

श्रीमद्भागवत कथा शुरु होने से पहले मुख्य यजमान प्रदीप मिश्रा ने पोथी की विधिवत पूजा अर्चना एवं कथावाचक अभिराम दास जी का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

उपस्थित भक्तों को वृंदावन धाम से पधारे प्रमुख श्रीमद्भागवत कथावाचक श्री अभिराम दास जी महाराज ने बताया गया कि जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है तो भगवान अवतार लेकर आते है,

कंश के अभिमान का मान मर्दन करने के लिए भगवान को भी लीला करने के लिए धरा धाम पर अवतार लेना पड़ा। भगवान जब प्रगट हुए तो नंदबाबा ने ब्राह्मणों को 7 तिल अन्न के पहाड़ बनाकर एवं लाखों गाय का दान किए, आगे पूतना मोक्ष ,भगवान की बाल लीला, माखन चोरी लीला पर भाव पूर्ण रूप से प्रकाश डालते हुए कथा को कहा बड़े बड़े दैत्यों का भगवान ने उद्धार किया एवं सभी ब्रजवासियों की प्रभु ने रक्षा की। ब्रह्मा जी के मोह को दूर किया ।

यह कथा यह बताती है भगवान की माया से ब्रह्मा जी जैसे नहीं बचे तो हम एक साधारण जीव है कालिया मर्दन लीला के साथ दावाग्नि का पान किया ।सभी की रक्षा करी बेनु गीत गीत, गोपियों के चीर का हरण किया ।

उन्होंने कहा कि यह कथा हमें यह बताती है भगवान माया के पर्दे को हटाते है ।जीव से भगवान गोपियों में यही देखना चाहते थे ।इसलिए भगवान ने सबके चीर का हरण किया इसका अर्थ माया का पर्दा जो प्रत्येक जीव के ऊपर पड़ा है अंत में 56 महाभोग के साथ गोवर्धन लीला का भाव पूर्ण प्रसंग व्याख्यान किया गया।

 

ज्ञातव्य हो कि श्रीमद्भागवत 12 अगस्त तक सांय काल 3 बजे से उपस्थित भक्तगण को महराज जी कथा श्रवण करायेंगे।

कथा के उपरांत प्रसाद का वितरण किया गया।

श्रीमद्भागवत कथा श्रवण में सर्वश्री

डॉली मिश्रा,प्रदीप कुमार मिश्र, पूजा मिश्रा,रीता मिश्रा, रुद्र मिश्र,

सिद्धान्त मिश्र,सचिन मिश्र, मुकुन्द लाल शर्मा,मयंक शर्मा, शुचि शर्मा,

आशीष मिश्रा,रिया मिश्रा सहित अनेक श्रोता गण शामिल रहे।

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