
वाराणसी। आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय, डोमरी, रामनगर, वाराणसी में टीचर्स ओरिएंटेशन आयोजन के दूसरे दिन शिक्षक–शिक्षिकाओं को वर्तमान समय की शैक्षणिक एवं कक्षा व कक्ष से जुड़ी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से सम्पन्न कराने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय एवं मुख्य वक्ता प्रो. आशुतोष मोहन द्वारा आचार्य सीताराम चतुर्वेदी जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने मुख्य वक्ता प्रो. आशुतोष मोहन का अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं स्वागत सुश्री अंजली विश्वकर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रतिमा राय द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता प्रो. आशुतोष मोहन, प्रबंधन अध्ययन संस्थान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी ने शिक्षक– शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए “आज के विद्यार्थियों को समझना एवं कक्षा-कक्ष की चुनौतियों” विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों की बदलती मनोवृत्ति, उनकी आवश्यकताओं तथा कक्षा-कक्ष में आने वाली विभिन्न चुनौतियों को समझने और उनका समाधान करने के लिए प्रभावी उपाय बताए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान शैक्षणिक परिवेश में विद्यार्थियों को समझना और उनकी समस्याओं के अनुरूप शिक्षण-पद्धति को विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। इससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और विद्यार्थी-केंद्रित बनती है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं की सक्रिय सहभागिता रही। उपस्थित लोगों ने मुख्य वक्ता द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों एवं मार्गदर्शन को उपयोगी बताया।




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