‘सक्षम’ जनपद का दर्जा हासिल करने पर दी बधाई, उपलब्धियों को बनाए रखने की दी प्रेरणा

 

वाराणसी। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन, नई दिल्ली की डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. तंजिन डिकिड ने वाराणसी के दो दिवसीय दौरे के दौरान जनपद में संचालित एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों की गहन समीक्षा एवं स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने जनपद को नाको के निर्धारित मानकों के तहत उत्तर प्रदेश का एकमात्र ‘सक्षम’ (Saksham) जनपद बनने पर बधाई देते हुए इस उपलब्धि को आगे भी बनाए रखने की अपेक्षा व्यक्त की।

दौरे के प्रथम दिन कबीर चौरा अस्पताल में जनपद के दोनों एआरटी सेंटर, आईसीटीसी, ओएसटी सेंटर, पीपीटीसीटी, एसटीआई सेंटर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (बीएचयू), दिशा यूनिट तथा वायरल लोड लैब के अधिकारियों एवं सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कबीर चौरा अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जिला क्षय रोग अधिकारी सहित चिकित्सा अधिकारियों एवं संबंधित स्टाफ ने प्रतिभाग किया।

बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष में एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक की गई गतिविधियों एवं उपलब्धियों की समीक्षा की गई। डॉ. तंजिन डिकिड ने विभिन्न केंद्रों के प्रदर्शन, एचआईवी जांच, उपचार से जुड़ाव, एआरटी सेवाओं, वायरल लोड परीक्षण, समूहों तक सेवाओं की पहुंच तथा कार्यक्रम के विभिन्न संकेतकों पर चर्चा करते हुए आगामी अवधि के लिए अपेक्षाओं एवं प्राथमिकताओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

दौरे के दूसरे दिन डॉ. तंजिन डिकिड ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल तथा बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी स्थित एचआईवी से संबंधित विभिन्न केंद्रों एवं लैब का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से एचआईवी जांच, परामर्श, उपचार, रेफरल, फॉलोअप तथा वायरल लोड परीक्षण सहित विभिन्न सेवाओं की जानकारी ली और मौके पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जनपद में एचआईवी/एड्स के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों एवं विभिन्न केंद्रों के समन्वित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने नाको के निर्धारित 95-95-99 मानकों के आधार पर वाराणसी को ‘सक्षम’ स्तर प्राप्त होने पर विशेष बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीम भावना, बेहतर समन्वय एवं निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वाराणसी भविष्य में भी इसी प्रकार बेहतर प्रदर्शन करते हुए इस स्तर को बनाए रखेगा।

जिला क्षय रोग अधिकारी एवं प्रभारी दिशा वाराणसी डॉ. पीयूष राय ने बताया कि डीडीजी नाको का यह दौरा जनपद में एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि डॉ. तंजिन डिकिड द्वारा विभिन्न केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की सराहना किया जाना पूरे कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए उत्साहवर्धक है। उन्होंने कहा कि नाको के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जनपद में एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की शीघ्र पहचान, एआरटी से जोड़ने, उपचार की निरंतरता तथा वायरल लोड सप्रेशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

निरीक्षण के उपरांत डॉ. तंजिन डिकिड ने संबंधित संस्थानों की विजिटर बुक में अपने रिमार्क भी अंकित किए तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर समन्वय एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए।

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